रेवाड़ी जिले में स्वास्थ्य विभाग की तमाम कोशिशों के बावजूद गर्भपात कराने वाली दवाइयों की अवैध बिक्री का धंधा रुकने का नाम नहीं ले रहा है। मोटे मुनाफे के लालच में मेडिकल स्टोर पर प्रतिबंधित एमटीपी किट खुलेआम बेची जा रही हैं।
सोमवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने रेवाड़ी रेलवे स्टेशन परिसर स्थित ‘दवा दोस्त’ मेडिकल स्टोर पर छापा मारकर इस अवैध गतिविधि का पर्दाफाश किया। कार्रवाई के दौरान स्टोर से एक एमटीपी किट बरामद की गई, जिसका कोई रिकॉर्ड नहीं मिला। विभाग ने मेडिकल स्टोर को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया है।
मामले की शुरुआत 19 जुलाई को मिली एक गोपनीय सूचना से हुई थी, जिसमें बताया गया कि फदनी गांव का रहने वाला दीपक नामक युवक एमटीपी किट बेच रहा है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने नकली ग्राहक बनाकर उसे रंगे हाथ पकड़ा और उसके कब्जे से गर्भपात की एक किट बरामद की। पूछताछ में दीपक ने खुलासा किया कि वह रेलवे परिसर में स्थित उक्त मेडिकल स्टोर से ये दवाएं खरीदता था। इसके बाद ड्रग कंट्रोलर रजनीश धानीवाल और सहायक नोडल अधिकारी विद्यासागर के नेतृत्व में टीम ने सोमवार सुबह छापेमारी की।
छापे के दौरान मेडिकल स्टोर संचालक मौके से फरार हो गया जबकि मौजूद कर्मचारी गर्भपात की दवा से जुड़े किसी भी बिल या रिकॉर्ड को पेश नहीं कर पाए। बरामद एमटीपी किट की खरीद-फरोख्त का कोई दस्तावेज नहीं मिला, जिससे स्पष्ट होता है कि दवाओं की आपूर्ति पूरी तरह अवैध रूप से की जा रही थी।
जानकारी के अनुसार, ये दवाएं दिल्ली से 100 से 200 रुपये प्रति किट के हिसाब से खरीदी जाती हैं और फिर सप्लायर इन्हें 400 रुपये में स्टोर को बेचते हैं। इसके बाद ग्राहकों को इन्हीं दवाओं को 700 से 1000 रुपये तक की कीमत में बेचा जाता है। इससे स्टोर संचालक दोगुना से भी ज्यादा मुनाफा कमा रहे हैं।
ड्रग कंट्रोलर रजनीश धानीवाल ने बताया कि मेडिकल स्टोर से बरामद एमटीपी किट का कोई रिकार्ड नहीं है और इसकी जांच की जा रही है कि यह दवा कहां से खरीदी गई और किसे बेची गई। संबंधित दवा कंपनी को नोटिस जारी कर जांच में शामिल होने के लिए बुलाया जाएगा। फिलहाल मेडिकल स्टोर को सील कर दिया गया है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।

















