PM Kisan Yojana में बड़ा घोटाला! हरियाणा में 44 हजार दंपतियों ने लिया दोहरा फायदा, रुकी किस्तें!

On: October 30, 2025 4:20 PM
Follow Us:
PM Kisan Yojana में बड़ा घोटाला! हरियाणा में 44 हजार दंपतियों ने लिया दोहरा फायदा, रुकी किस्तें!

हरियाणा में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (PM Kisan Yojana) में एक बड़ा घोटाला सामने आया है। जांच में खुलासा हुआ है कि प्रदेश में 44,040 दंपति ऐसे हैं जिन्होंने गलत जानकारी देकर योजना का दोहरा लाभ उठाया। इन दंपतियों को हर चार महीने में मिलने वाली किस्तें अगस्त माह से रोक दी गई हैं। इतना ही नहीं, अब विभाग ने अनुचित रूप से ली गई रकम की वसूली की तैयारी भी शुरू कर दी है। अनुमान है कि केवल हरियाणा में ही प्रति किस्त करीब 9 करोड़ रुपये का फर्जीवाड़ा हुआ है। चूंकि इनमें से कई दंपति लंबे समय से कई-कई किस्तें लेते आ रहे हैं, इसलिए यह घोटाला कई सौ करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है।

योजना की शर्तों का उल्लंघन, पति-पत्नी दोनों ने ली किस्तें

नारनौल के पीएम किसान योजना नोडल अधिकारी रविंद्र कुमार यादव ने बताया कि इस योजना के तहत एक परिवार से केवल एक सदस्य को ही हर चार महीने में 2,000 रुपये की राशि मिलनी चाहिए। लेकिन जांच में पाया गया कि 44,044 दंपतियों ने पति और पत्नी दोनों के नाम से लाभ प्राप्त किया। अब सरकार ने निर्णय लिया है कि ऐसे मामलों में एक सदस्य से पूरी राशि वापस ली जाएगी और वसूली के बाद ही परिवार के दूसरे सदस्य को भविष्य में योजना का लाभ मिल सकेगा। विभाग ने ऐसे सभी लाभार्थियों को चिह्नित कर लिया है और उन्हें नोटिस जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

नूंह जिला सबसे आगे, कई जिलों में जारी सत्यापन प्रक्रिया

योजना में फर्जीवाड़ा करने वालों में नूंह जिला सबसे आगे पाया गया है, जहां 7,802 दंपति दोहरा लाभ ले रहे थे। इसके बाद भिवानी (3,632), जींद (3,284), कैथल (2,870), महेंद्रगढ़ (2,384) और सिरसा (2,456) जिलों में भी बड़ी संख्या में दंपति नियमों का उल्लंघन करते पाए गए। राज्य स्तर पर 26,822 रिकॉर्ड सत्यापित किए जा चुके हैं, जबकि 17,218 मामले अभी जिलास्तर पर लंबित हैं। सिरसा, हिसार, जींद और कैथल जैसे जिलों में अभी तक अधिकांश मामलों का सत्यापन जारी है। अधिकारियों ने अपील की है कि यदि कोई दंपति अब भी नियम विरुद्ध लाभ ले रहा है, तो वह स्वयं कार्यालय में आकर जानकारी दे दे, ताकि उसकी किस्त बंद की जा सके और आगे की कार्रवाई से बचा जा सके।

केंद्रीय कृषि मंत्रालय की जांच में यह मामला सिर्फ हरियाणा तक सीमित नहीं पाया गया। राष्ट्रीय स्तर पर 33.34 लाख संदिग्ध मामलों की पहचान की गई है, जिनमें पूर्व भूस्वामियों का विवरण अमान्य या रिक्त पाया गया। इसके अलावा 1.76 लाख नाबालिग लाभार्थियों और 17 लाख से अधिक पति-पत्नी द्वारा एक साथ लाभ लेने के मामले भी उजागर हुए हैं। केंद्र सरकार की जांच में अब तक 31 लाख मामलों को चिन्हित किया गया है, जिनमें से 19.02 लाख लाभार्थियों का सत्यापन पूरा हो चुका है। इनमें से 17.87 लाख यानी लगभग 94% लाभार्थी पति-पत्नी के रूप में पाए गए हैं। कृषि मंत्रालय ने सभी राज्यों को 15 अक्टूबर तक सत्यापन कार्य पूरा करने का निर्देश दिया था। गौरतलब है कि पीएम किसान योजना के तहत पात्र किसानों को प्रति वर्ष 6,000 रुपये की राशि दी जाती है, जिसे तीन किस्तों (प्रत्येक 2,000 रुपये) के रूप में उनके बैंक खातों में सीधे भेजा जाता है। सरकार का उद्देश्य किसानों की आर्थिक सहायता करना है, लेकिन इस घोटाले ने योजना की पारदर्शिता और निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

P Chauhan

मै पीके चौहान पिछले 6 साल में पत्रकारिता में कार्यरत हूं। मेरे द्वारा राजनीति, क्राइम व मंनोरजन की खबरे अपडेट की जाती है।

Join WhatsApp

Join Now

google-newsGoogle News

Follow Now