Property Rule: दूसरी पत्नी को पति की संपत्ति में कितना मिलेगा हक , जानिए क्या है नियम ?

On: May 14, 2025 10:39 AM
Follow Us:
Property Rule

Property Rule: भारत में वैवाहिक संबंधों और संपत्ति अधिकारों को लेकर अक्सर सवाल उठते हैं. खासतौर पर दूसरी पत्नी को पति की संपत्ति में क्या हक़ मिल सकता है, यह विषय बहुत कम लोगों को स्पष्ट रूप से पता होता है. आइए जानते हैं कि भारतीय कानून इस बारे में क्या कहता है.Property Rule

दूसरी पत्नी का अधिकार किन शर्तों पर निर्भर करता है?

दूसरी पत्नी को पति की संपत्ति में कानूनी अधिकार तभी मिल सकता है, जब दो मुख्य शर्तें पूरी हों:

दूसरी शादी कानूनी रूप से वैध हो.
धार्मिक कानूनों और प्रथाओं का पालन किया गया हो.
यदि ये दोनों शर्तें पूरी हों, तभी दूसरी पत्नी पति की संपत्ति में हिस्सेदारी का दावा कर सकती है.

हिन्दू मैरिज एक्ट के अनुसार दूसरी शादी की वैधता

हिंदू मैरिज एक्ट, 1955 के तहत, अगर पहली पत्नी जीवित है और उसका तलाक नहीं हुआ है, तो दूसरी शादी गैरकानूनी मानी जाती है. इस स्थिति में, दूसरी पत्नी को कानूनी तौर पर कोई संपत्ति अधिकार नहीं मिलता. इसलिए दूसरी शादी से पहले उसकी वैधता की जांच आवश्यक है.

स्वअर्जित संपत्ति में दूसरी पत्नी का अधिकार
पति की स्वअर्जित संपत्ति पर उसका पूरा नियंत्रण होता है. यदि पति चाहे, तो वह अपनी संपत्ति वसीयत (Will) के जरिए दूसरी पत्नी को दे सकता है. चाहे शादी वैध हो या अवैध, वसीयत होने पर दूसरी पत्नी को संपत्ति मिल सकती है.

पैतृक संपत्ति में हक़ केवल वैध विवाह से ही
पैतृक संपत्ति यानी वह संपत्ति जो पूर्वजों से प्राप्त होती है. उस पर दूसरी पत्नी का अधिकार तभी बनता है जब शादी वैध हो. अवैध शादी की स्थिति में दूसरी पत्नी पैतृक संपत्ति में हिस्सेदारी नहीं मांग सकती.Property Rule

वसीयत न होने की स्थिति में संपत्ति का बंटवारा
अगर पति की मृत्यु बिना वसीयत के होती है, तो उसकी संपत्ति हिंदू उत्तराधिकार कानून के तहत कानूनी उत्तराधिकारियों में बांटी जाती है. इस स्थिति में दूसरी पत्नी को उत्तराधिकारी तभी माना जाएगा जब शादी वैध हो. अवैध विवाह की स्थिति में उसका नाम उत्तराधिकारियों की सूची में नहीं आएगा.

वैध विवाह होने पर दूसरी पत्नी को मिलते हैं बराबरी के अधिकार
यदि दूसरी शादी कानूनी रूप से वैध है, तो दूसरी पत्नी को पहली पत्नी के समान ही संपत्ति में अधिकार मिलते हैं. पति की संपत्ति में दोनों को बराबर का हिस्सा दिया जाएगा. लेकिन अवैध विवाह की स्थिति में सिर्फ पहली पत्नी को ही कानूनी अधिकार प्राप्त होंगे.Property Rule

Best24News

सुनील कुमार पत्रकारिता क्षेत्र में पिछले 8 साल से सक्रिय है। इन्होंने दैनिक जागरण, राजस्थान पत्रिका, हरीभूमि व अमर उजाला में बतौर संवाददाता काम किया है। अब बेस्ट 24 न्यूम में बतौर फाउंडर कार्यरत हूं

Join WhatsApp

Join Now

google-newsGoogle News

Follow Now