मार्च का महीना अभी शुरू ही हुआ है, लेकिन Haryana में गर्मी ने तेजी से अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। प्रदेश में तापमान लगातार सामान्य से ऊपर चल रहा है और कई शहरों में अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार मंगलवार को राज्य के औसत अधिकतम तापमान में 0.7 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जिससे यह सामान्य से करीब 6.3 डिग्री ज्यादा हो गया। इस बढ़ते तापमान ने लोगों को मार्च के शुरुआती दिनों में ही गर्मी का एहसास कराना शुरू कर दिया है।
प्रदेश के कई जिलों में दोपहर के समय तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। विशेष रूप से शहरी क्षेत्रों में दिन के समय सड़कों पर कम भीड़ दिखाई दे रही है, क्योंकि लोग तेज धूप से बचने की कोशिश कर रहे हैं। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दो दिनों तक तापमान में ज्यादा बदलाव देखने को नहीं मिलेगा, जिससे दिन के समय गर्मी का असर बना रह सकता है। हालांकि इसके बाद मौसम में कुछ राहत मिलने की संभावना भी जताई जा रही है।
कई जिलों में 35 डिग्री से ऊपर पहुंचा तापमान
हरियाणा के कई जिलों में अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया है। महेंद्रगढ़ 37.1 डिग्री सेल्सियस के साथ राज्य का सबसे गर्म स्थान रहा। इसके अलावा नारनौल में 36.5 डिग्री, हिसार में 36.2 डिग्री और नूंह में 35.9 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। भिवानी और चरखी दादरी में भी तापमान 35.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जबकि गुरुग्राम के अलग-अलग मौसम केंद्रों पर पारा 35 से 35.6 डिग्री सेल्सियस के बीच रिकॉर्ड किया गया।
राज्य के कुल नौ मौसम स्टेशनों पर तापमान 35 डिग्री से ऊपर दर्ज किया गया, जो मार्च के शुरुआती दिनों के लिहाज से काफी ज्यादा माना जा रहा है। राजधानी चंडीगढ़ में भी तापमान सामान्य से काफी ऊपर पहुंच गया है। यहां अधिकतम तापमान 32.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से करीब 6.1 डिग्री ज्यादा है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार इस समय पश्चिमी और उत्तर-पश्चिमी क्षेत्रों से आने वाली शुष्क हवाओं के कारण तापमान में बढ़ोतरी हो रही है। इसके साथ ही साफ आसमान और तेज धूप भी गर्मी बढ़ाने में अहम भूमिका निभा रही है। मौसम विभाग का कहना है कि अगले दो दिनों तक प्रदेश में इसी तरह का मौसम बना रह सकता है।
रात के तापमान में भी बढ़ोतरी, गर्मी का असर महसूस ?
केवल दिन का तापमान ही नहीं बल्कि रात का तापमान भी सामान्य से अधिक बना हुआ है। प्रदेश का औसत न्यूनतम तापमान सामान्य से लगभग 5.6 डिग्री सेल्सियस ज्यादा दर्ज किया गया है। मंगलवार को न्यूनतम तापमान में 0.3 डिग्री सेल्सियस की हल्की बढ़ोतरी भी देखी गई। इससे यह साफ संकेत मिल रहे हैं कि प्रदेश में गर्मी धीरे-धीरे अपनी पकड़ मजबूत कर रही है।
राज्य में सबसे कम न्यूनतम तापमान 16 डिग्री सेल्सियस हिसार और पानीपत में दर्ज किया गया। वहीं अंबाला में रात का तापमान 21.1 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से 8.3 डिग्री ज्यादा है। इसके अलावा चंडीगढ़ में न्यूनतम तापमान 19.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इस वजह से सुबह और देर रात के समय भी हल्की गर्माहट महसूस की जा रही है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यही स्थिति बनी रहती है तो आने वाले दिनों में गर्मी का असर और तेज हो सकता है। हालांकि अभी भी मौसम में बदलाव की संभावना बनी हुई है, जिससे तापमान में कुछ राहत मिल सकती है।
14 मार्च से बदल सकता है मौसम, हल्की बारिश की संभावना ?
मौसम विभाग के अनुसार 14 मार्च के आसपास प्रदेश के मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के कारण हरियाणा के कुछ हिस्सों में बादल छाने, गरज-चमक के साथ हल्की बूंदाबांदी और तेज हवाएं चलने की संभावना है। अनुमान है कि इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।
यदि यह सिस्टम सक्रिय होता है तो प्रदेश के कई जिलों में तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट देखने को मिल सकती है। इससे लोगों को गर्मी से थोड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। मौसम विभाग ने किसानों को भी मौसम के इस संभावित बदलाव के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी है, ताकि वे अपनी फसलों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठा सकें। फिलहाल अगले दो दिनों तक प्रदेश में गर्मी का असर जारी रहने का अनुमान है। दिन के समय तेज धूप और बढ़ते तापमान के कारण लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि तेज धूप में बाहर निकलते समय पानी का सेवन ज्यादा करें और सिर को ढककर रखें, ताकि गर्मी के प्रभाव से बचा जा सके।
इस तरह मार्च की शुरुआत में ही हरियाणा में बढ़ती गर्मी ने लोगों को आने वाले महीनों के मौसम का संकेत दे दिया है। हालांकि पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से थोड़ी राहत मिल सकती है, लेकिन गर्मी का यह दौर अभी जारी रहने की संभावना है।

















