Haryana News: हरियाणा की नायब सिंह सैनी सरकार ने सशस्त्र बलों और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) के शहीदों तथा युद्ध या ऑपरेशन में हताहत सैनिकों के बच्चों के लिए एक नई छात्रवृत्ति योजना को लागू कर दिया है। इस योजना के तहत पात्र विद्यार्थियों को 5,000 से 8,000 रुपए प्रतिमाह तक की वित्तीय सहायता दी जाएगी। सैनिक और अर्धसैनिक कल्याण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव विजयेंद्र कुमार की ओर से इसका नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है।
Haryana News: यह योजना जून 2025 में हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में मंजूर की गई थी। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने विधानसभा चुनाव से पहले अपने संकल्प पत्र में इस योजना का वादा किया था, जिसे अब औपचारिक रूप से लागू कर दिया गया है।
हरियाणा सरकार ने बताया कि पहले शहीद सैनिकों के बच्चों को मिलने वाली छात्रवृत्ति की राशि काफी कम थी। वर्ष 2006-07 में शुरू हुई प्रधानमंत्री छात्रवृत्ति योजना के तहत लड़कों को 2,000 और लड़कियों को 2,250 रुपए प्रतिमाह मिलते थे, जिसे 2019-20 में बढ़ाकर 2,500 और 3,000 रुपए किया गया था। अब हरियाणा सरकार ने नई योजना लागू कर इस सहायता को और अधिक बढ़ा दिया है।
सशस्त्र और अर्धसैनिक बलों के बच्चे होंगे पात्र
इस योजना के दायरे में रक्षा मंत्रालय के अधीन सभी सशस्त्र बल शामिल हैं। साथ ही गृह मंत्रालय के अधीन आने वाले बलों—असम राइफल्स, सीमा सुरक्षा बल (BSF), केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF), केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF), भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP), राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) और सशस्त्र सीमा बल (SSB)—के शहीद जवानों के बच्चों को भी इसका लाभ मिलेगा।
कक्षा 6 से पोस्ट ग्रेजुएशन तक मिलेगा लाभ
नोटिफिकेशन के अनुसार, कक्षा 6 से 12 तक पढ़ने वाले छात्रों को 60,000 रुपए प्रति वर्ष छात्रवृत्ति दी जाएगी। स्नातक (ग्रेजुएशन) कर रहे विद्यार्थियों को सालाना 72,000 रुपए, जबकि पोस्ट ग्रेजुएशन के छात्रों को 96,000 रुपए प्रति वर्ष की सहायता मिलेगी। इस तरह छात्रों को हर महीने 5,000 से 8,000 रुपए तक की आर्थिक मदद सुनिश्चित की गई है।
शहीद या हताहत सैनिकों के बच्चों को मिलेगा लाभ
सरकार ने स्पष्ट किया है कि युद्ध, आईईडी विस्फोट, आतंकवादी हमला, सीमा झड़प, हवाई दुर्घटना, समुद्र में मृत्यु, आंतरिक सुरक्षा ड्यूटी, प्राकृतिक आपदाओं या बचाव अभियानों के दौरान शहीद या हताहत हुए सैनिकों के बच्चों को इस योजना का लाभ मिलेगा। सरकार का कहना है कि ऐसे हालात असाधारण साहस और निर्णय क्षमता की मांग करते हैं, इसलिए उनके बच्चों की शिक्षा में सहायता जरूरी है।
पॉलिसी के तहत यह जरूरी है कि मृतक सैनिक या अर्धसैनिक बल का जवान सेवा में शामिल होते समय हरियाणा का निवासी रहा हो, चाहे वर्तमान में उसका पता कहीं और क्यों न हो। यदि केंद्र सरकार के स्थानांतरणीय कर्मचारी की तैनाती के कारण उस समय पता अस्थायी था, तो निवास का निर्धारण उनके पिता के स्थायी पते के आधार पर किया जाएगा।

















