Haryana Political News: रेवाड़ी। पूर्व सांसद चौधरी बृजेंद्र सिंह की सद्भाव यात्रा गुरुवार को रेवाड़ी जिले के बावल विधानसभा क्षेत्र में पहुंची। यात्रा का घोषित उद्देश्य कांग्रेस संगठन में एकता और समरसता का संदेश देना था, लेकिन पहले ही दिन रेवाडी में पार्टी की अंदरूनी खींचतान खुलकर सामने आ गई। यात्रा में कांग्रेस के कई वरिष्ठ और जिम्मेदार पदाधिकारी शामिल नहीं हुए।Haryana Political News
सरकार की नीतियों पर साधा निशाना: पूर्व केंद्रीय मंत्री चौधरी बीरेंद्र सिंह ने भी यात्रा के दौरान भाजपा सरकार की नीतियों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि 2014 में सत्ता में आने के बाद भाजपा ने मनरेगा को कमजोर करने की कोशिश शुरू कर दी थी। नाम बदले बिना ही योजना को धीरे-धीरे खत्म करने की दिशा में कदम बढ़ाए गए। उन्होंने प्रदेश में बढ़ती बेरोजगारी का मुद्दा उठाते हुए कहा कि हालात ऐसे बन गए हैं कि युवा अपनी जमीन-जायदाद बेचकर रोजगार की तलाश में विदेश जाने को मजबूर हैं।
यूं दी पार्टी को लेकर सफाई: बता दें कि यात्रा के दौरान शहरी जिला अध्यक्ष प्रवीण चौधरी, ग्रामीण जिला अध्यक्ष सुभाष छाबड़ी, पूर्व मंत्री जसवंत सिंह और पूर्व मंत्री डॉ. एमएल रंगा की गैरमौजूदगी ने कांग्रेस की आंतरिक स्थिति पर सवाल खड़े कर दिए। हालांकि बाद में दोनों जिला अध्यक्षों ने सफाई देते हुए कहा कि वे पार्टी कार्य से चंडीगढ़ गए हुए थे, लेकिन उनकी अनुपस्थिति को संगठनात्मक एकता के लिहाज से अहम माना जा रहा है।Haryana Political News
कोर्ट का फैसला आते ही मीडिया गायब: सद्भाव यात्रा के 72वें दिन रेवाड़ी पहुंचे चौधरी बृजेंद्र सिंह ने गांव टिकला के मंदिर में पूजा-अर्चना कर अपनी दो दिवसीय यात्रा की शुरुआत की। इस दौरान उन्होंने केंद्र सरकार और भाजपा पर तीखा हमला बोला। बृजेंद्र सिंह ने कहा कि भाजपा ने पूरे सिस्टम को कैप्चर कर लिया है और एजेंसियों का दुरुपयोग किया जा रहा है। उन्होंने नेशनल हेराल्ड मामले का जिक्र करते हुए कहा कि राहुल गांधी से ईडी की लंबी पूछताछ के समय इसे बड़ा मुद्दा बनाया गया, लेकिन कोर्ट का फैसला आने के बाद मामला राष्ट्रीय मीडिया से गायब हो गया।Haryana Political News
पूर्व मंत्री कैप्टन अजय सिंह यादव ने किया कटाक्ष: गांव टिकला में आयोजित सभा को संबोधित करते हुए पूर्व मंत्री कैप्टन अजय सिंह यादव ने बिना नाम लिए पार्टी के कुछ नेताओं पर कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि यात्रा से दूरी बनाना समाधान नहीं है और एकता की बात करने वालों को सामने आकर खड़ा होना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि वे बृजेंद्र सिंह के साथ हैं और पार्टी में किसी भी वरिष्ठ नेता के आने पर उसका स्वागत किया जाएगा।

















