Zirakpur Bypass: हरियाणा और पंजाब के लोगों की बल्ले-बल्ले, यहां बनने जा रहा 19.2 KM लंबा बाईपास, इन शहरों को होगा फायदा

On: March 21, 2026 11:55 PM
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Zirakpur Bypass: People of Haryana and Punjab are very happy, a 19.2 KM long bypass is going to be built here, these cities will benefit

Zirakpur Bypass: हरियाणा और पंजाब के लोगों के लिए राहत की खबर सामने आई है। बुधवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव (Ashwini Vaishnav) ने जानकारी दी है।

उन्होंने बताया कि पंजाब और हरियाणा में Hybrid Annuity Mode पर 19.2 KM लंबा बाईपास बनाया जाएगा। यह हाईवे छह (Six Lane Highway) लेन का होगा और इस प्रोजेक्ट की लागत 1878.31 करोड़ रुपये होगी।

जानकारी के मुताबिक, पीएम नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति यानी CCEA ने बुधवार को इस प्रोजेक्ट को मंजूरी भी दे दी है।

CCEA  की मानें, तो इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य पटियाला, दिल्ली और मोहाली एयरोसिटी से यातायात को डायवर्ट करना है और हिमाचल प्रदेश को सीधा कनेक्ट करते हुए जीरकपुर, पंचकूला और आसपास के क्षेत्रों में वाहनों के भीड़भाड़ को कम करना है।

कहां है जीरकपुर

दरअसल, जीरकपुर पंजाब के मोहाली में हैं, जो चंडीगढ़ से थोड़ी ही दूरी पर है।

ये होगा रूटा 

बताया जा रहा है कि यह बाईपास  करीब 19.2  KM लंबा होगा और यह NH-7 (जीरकपुर-पटियाला) के जंक्शन से शुरू होकर NH-5 (जीरकपुर-परवाणू) के जंक्शन पर जाकर खत्म हो जाएगा।

इस मौजूदा प्रस्ताव का उद्देश्य यात्रा के समय को कम करना और NH -7, NH -5 और NH -152 के भीड़भाड़ वाले शहरी खंड में वाहन चालकों को होने वाली परेशानियों को खत्म करना करना है। इसके साथ ही इससे चंडीगढ़, पंचकूला और मोहाली के शहरों में यातायात का दवाब कम होगा

 

क्या है हाईब्रिड एन्यूटी मॉडल?

हाईब्रिड एन्यूटी मॉडल के तहत Government डेवलपर को प्रोजेक्ट में होने वाले खर्च का 40 प्रतिशत भुगतान काम शुरू होने से पहले ही कर देती है। जबकि, बाकी 60 प्रतिशत राशि को डेवलपर को खुद ही लगाना होगा। इसमें डेवलपर को प्रोजेक्ट पर काम शुरू करने के लिए वित्तीय संस्थानों से financial approval का इंतजार नहीं करना पड़ता है।

Sunil Chauhan

सुनील चौहान हरियाणा के रेवाड़ी और धारूहेड़ा क्षेत्र की खबरों को कवर करते हैं। उन्हें पत्रकारिता में 10 साल का अनुभव है और वे सामाजिक, प्रशासनिक और स्थानीय मुद्दों पर रिपोर्टिंग करते हैं।

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