Haryana News: हरियाणा के यमुनानगर में पीएम मोदी 14 अप्रैल को थर्मल पावर प्लांट की 800 मेगावाट की तीसरी यूनिट का शिलान्यास करेंगे। इसी बीच यहां से एक बड़ी खबर सामने आई है।
थर्मल पावर प्लांट की वजह से गांव में रिश्तेदारों ने आना छोड़ दिया है। ये ही नहीं दो साल से गांव के किसी युवक या युवती की शादी भी नहीं हुई है। बताया जा रहा है कि थर्मल पावर प्लांट से काली राख निकलती है। जिसकी वजह से कोई गांव में आने के लिए तैयार ही नहीं है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, गांव के लोगों का कहना है कि वो थर्मल पावर प्लांट के विस्तार के खिलाफ नहीं है, प्रदेश के विकास के लिए यह होना चाहिए। लेकिन गांव को शिफ्ट कर उन्हें बचा लेना चाहिए। गांव के लोगों का कहना है कि आज हर घर में दूसरा व्यक्ति किसी न किसी बीमारी से ग्रस्त है।
महिलाएं दिन-भर घरों की सफाई में लगी रहती हैं और इसके बाद भी घरों में काली राख जम जाती है। इसके अलावा लोग खुले में कपड़े भी नहीं सूखा सकते हैं। आलम यह है कि ग्रामीण अपने घर के खुले आंगन में नहीं बैठ सकते हैं।
इसके अलावा बच्चों और बुजुर्गों को स्वास्थ्य संबंधी काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि उनके यहां पर पिछले दो-तीन सालों से मेहमानों ने भी आना बंद कर दिया है। वहीं जब भी अपनी बेटियों के लिए रिश्ता लेकर जाते हैं तो वो भी रिश्ता करने से साफ मना कर देते हैं।
कौन सा है गांव
इस गांव का नाम रतनपुरा है, जो सहारनपुर रोड पर स्थित हैं और ग्राम पंचायत कायमपुरा के अंतर्गत आता है।
-यहां दीनबंधु थर्मल पावर प्लांट की आधारशिला तत्कालीन पीएम पीवी नरसिम्हा राव ने मार्च 1993 में फरीदाबाद से रिमोट के जरिए रखी थी।
-वहीं 2005 में तत्कालीन CM भूपेंद्र सिंह हुड्डा सरकार के दौरान इसका निर्माण शुरू हो गया था और 2008 तक इसे विकसित किया गया था।
-इसके अलावा 2004 में भी तत्कालीन सीएम ओमप्रकाश चौटाला ने थर्मल पावर प्लांट का शिलान्यास भी किया था।
-अभी तक इस थर्मल पावर प्लांट पर 300-300 मेगावाट की दो यूनिट से बिजली का उत्पादन किया जा रहा है।
कायमपुरा में आते हैं दो गांव
गांव वालों का कहना है कि कायमपुरा पंचायत में कायमपुरा औक रतनपुर नाम के दो गांव आते है। इनमें करीब 350 घर हैं। जिनकी आबादी लगभग 2300 के करीब हैं। कामयपुर में पंचायत के दो Ward हैं। वहीं रतनपुरा में 6 वार्ड हैं। यहां पर क्षत्रिय समाज और अनुसूचित समाज के लोग ज्यादा रहते हैं।
खबरों की मानें, तो सरपंच राजकुमार का कहना है कि गांव में राख और प्रदूषण की वजह से यहां मेहमान नहीं आते हैं। इसके अलावा गांव के युवाओं के रिश्ते भी नहीं हो रहे हैं।

















