Haryana: हरियाणा सरकार अब पंजाब की तर्ज पर एक बडी पहल शुरू करने जा रही है। इस पहल के चलत हरियाणा में भिक्षावृत्ति पर रोक लगाई जाएगी। हरियाणा सरकार ने इसी को लेकर अब बाल भिक्षावृत्ति को रोकने के लिए रोडमैप तैयार कर लिया है।
बुलाई बैठक: भिक्षावृत्ति पर हरियाणा में रोक लगाने के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव सुधीर राजपाल ने प्रदेश में संगठित बाल भिक्षावृत्ति पर संज्ञान लेते हुए को राज्यस्तरीय अंतर-विभागीय बैठक बुलाई।
बता दे कि पंजाब के बाद हरियाणा सरकार ने अपने राज्य में अब बाल भिक्षावृत्ति को रोकने के लिए रोडमैप बनाया गया। जिसक चलते पुलिस, बाल संरक्षण, स्वास्थ्य, श्रम और सामाजिक कल्याण विभाग मिलकर भिक्षावृत्ति पर रोक लगाएंगे।
रोडमैप तैयार : इसी को लेकर संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बाल भिक्षावृत्ति के मूल कारणों को समाप्त करने और इसे जड़ से मिटाने के लिए रोडमैप तैयार किया गया।Haryana
हरियाणा राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने केंद्र सरकार की स्माइल योजना के तहत राज्य समर्थित बचाव और पुनर्वास पहल शुरू कर दी है।Haryana
भिक्षावृत्ति बन रहा पेशा: भिक्षावृत्ति बच्चों को शिक्षा से वंचित करता है और उनक शोषण भी होता है और उन्हें जीवन भर असुरक्षा के चक्र में फंसा देती है। कई शहरों में भिक्षावृत्ति एक सुव्यवस्थित रैकेट के रूप में चलती है, जिसमें बच्चों का आय के स्रोत के रूप में शोषण होता है।
बाल भिक्षावृत्ति केवल गरीबी का परिणाम नहीं है। कई मामलों में यह एक संगठित आपराधिक पेशा बनता जा रहा है। इसी के चलते बच्चों को गिरोहों, मानव तस्करों या यहां तक कि रिश्तेदारों द्वारा पैसों के लिए सड़कों पर भीख मांगने के लिए मजबूर किया जाता है। Haryana

















