Breaking News: कहते हैं कि हुनर किसी परिचय का मोहताज नहीं होता, और यह बात राजेंद्र की कला पर पूरी तरह फिट बैठती है। उनकी उंगलियों में ऐसा जादू है, जो देखने वालों को हैरान कर देता है। राजेंद्र माइक्रो आर्ट के ऐसे कलाकार हैं, जो सुई की नोक से भी बारीक जगह में अपनी कल्पना को आकार दे देते हैं। उनकी कलाकृतियां सिर्फ कागज तक सीमित नहीं हैं, बल्कि बंद कांच की बोतलों के भीतर भी जीवंत रूप में नजर आती हैं। Breaking News
राजेंद्र ने बोतलों के अंदर ताजमहल, पारंपरिक चारपाई और महाभारत के दृश्य को बेहद सूक्ष्मता से उकेरा है, जिसमें गीता का उपदेश देते श्रीकृष्ण और रथ पर खड़े अर्जुन को दर्शाया गया है। इन कलाकृतियों को देखने पर पहली नजर में यकीन करना मुश्किल हो जाता है कि इतनी जटिल संरचनाएं सीमित जगह में कैसे बनाई गई होंगी। हर आकृति में बारीकी और संतुलन साफ दिखाई देता है, जो उनकी मेहनत और धैर्य को दर्शाता है। Breaking News
माइक्रो आर्ट में राजेंद्र ने कई अनोखे प्रयोग भी किए हैं। उन्होंने महज 8 एमएम का एक चरखा तैयार किया है, जो आकार में बेहद छोटा होने के बावजूद पूरी तरह स्पष्ट नजर आता है। इसके अलावा उन्होंने एक ऐसा नन्हा सा बैट भी बनाया है, जिस पर चावल के दानों की मदद से टीम इंडिया के खिलाड़ियों के नाम लिखे गए हैं। यह काम इतना सूक्ष्म है कि उसे देखने के लिए विशेष ध्यान और कभी-कभी आवर्धक कांच की जरूरत पड़ती है।
राजेंद्र की यह कला न केवल उनकी रचनात्मक सोच को दर्शाती है, बल्कि यह भी साबित करती है कि सीमित साधनों और जगह में भी असाधारण रचनाएं की जा सकती हैं। उनकी कलाकृतियां आज लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं और युवा कलाकारों को यह संदेश देती हैं कि मेहनत, धैर्य और कल्पनाशक्ति के साथ कोई भी कला नई ऊंचाइयों तक पहुंच सकती है।

















