Delhi AQI Today: देश की राजधानी दिल्ली एक बार फिर जहरीली हवा के कहर से जूझ रही है। नवंबर की ठंड के साथ घुली प्रदूषित हवा ने आम नागरिकों का जीना दूभर कर दिया है। बुधवार को दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 722 के स्तर पर पहुंच गया, जो ‘गंभीर और खतरनाक श्रेणी’ में आता है। यह दर्शाता है कि सरकार द्वारा लागू किया गया GRAP-3 (Graded Response Action Plan) भी राजधानी की हवा को सुधारने में नाकाम रहा है। तापमान में गिरावट के साथ-साथ स्मॉग और धुंध ने भी शहर को अपनी गिरफ्त में ले लिया है, जिससे दृश्यता घटी और सांस लेना और मुश्किल हो गया है।
राजधानी में बिगड़ते वायु प्रदूषण को देखते हुए मंगलवार को GRAP-3 चरण लागू किया गया था। इस योजना के तहत निर्माण कार्य पूरी तरह से रोक दिए गए, साथ ही डीजल वाहनों, BS-3 पेट्रोल और BS-4 डीजल वाहनों पर पाबंदी लगा दी गई। इसके बावजूद बुधवार सुबह AQI 722 दर्ज किया गया। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के अनुसार, PM2.5 का स्तर 539 और PM10 का स्तर 722 तक पहुंच गया है, जो फेफड़ों के लिए अत्यंत खतरनाक माने जाते हैं। अन्य गैसों जैसे NO₂ (46), SO₂ (18), O₃ (4) और CO (33) के स्तर में कुछ राहत देखी गई, लेकिन हवा में मौजूद बारीक कण (Fine Particles) अभी भी जहरीले स्तर पर हैं। दिल्ली के प्रमुख इलाकों की बात करें तो आनंद विहार में AQI 412, अलीपुर में 415 और बवाना में 436 दर्ज किया गया। ये सभी क्षेत्र ‘गंभीर श्रेणी’ में आते हैं। हालांकि अब प्रदूषण केवल इन इलाकों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पूरी राजधानी इसकी चपेट में आ चुकी है।
कम हवा की गति और ठंड ने बढ़ाई परेशानी
मौसम विभाग के अनुसार, दिल्ली का न्यूनतम तापमान 12 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान लगभग 26 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सुबह और शाम के समय ठंड में इजाफा हो रहा है। वहीं, हवा की रफ्तार केवल 5 किलोमीटर प्रति घंटा रहने से प्रदूषण के कण नीचे बैठ नहीं पा रहे हैं। कम हवा की गति और उच्च आर्द्रता (Humidity) ने मिलकर प्रदूषण की स्थिति को और गंभीर बना दिया है। विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक हवा की गति नहीं बढ़ती या बारिश नहीं होती, तब तक हवा में मौजूद जहरीले कणों में कोई कमी नहीं आएगी। इसके अलावा, मौसम विभाग ने अगले 7 दिनों तक बारिश की संभावना से इनकार किया है, जिससे साफ है कि राजधानी को अभी कुछ दिनों तक प्रदूषित हवा में सांस लेनी पड़ेगी।
आने वाले दिनों में नहीं मिलेगी राहत, नागरिकों को सावधानी की सलाह
वायु विशेषज्ञों के अनुसार, कम हवा की गति, गिरता तापमान और धुंध मिलकर प्रदूषण को और बढ़ा रहे हैं। इस स्थिति में अगले तीन से चार दिन तक राहत की कोई संभावना नहीं है। विशेषज्ञों ने नागरिकों को सलाह दी है कि सुबह और शाम के समय बाहरी गतिविधियों से बचें, खासकर बुजुर्ग, बच्चे और श्वसन रोग से पीड़ित लोग मास्क पहनकर ही बाहर निकलें। एयर प्यूरीफायर का इस्तेमाल करें और घरों में वेंटिलेशन का ध्यान रखें। दिल्ली में प्रदूषण का यह स्तर न केवल स्वास्थ्य के लिए खतरा है, बल्कि यह दर्शाता है कि राजधानी की पर्यावरणीय नीतियों पर पुनर्विचार की जरूरत है। सरकार ने GRAP-3 लागू करके कदम तो उठाए, लेकिन जब तक वाहन उत्सर्जन, औद्योगिक धुआं और निर्माण गतिविधियों पर सख्त नियंत्रण नहीं होगा, तब तक दिल्ली की हवा में सुधार की उम्मीद करना मुश्किल है।

















