GUAVA FARMING: किसान भाइयों के लिए सुनहरा मौका, इस खेती पर मिलेगी 43000 हजार सब्सिडी

On: March 21, 2026 7:41 PM
Follow Us:
किसान भाइयों के लिए सुनहरा मौका, इस खेती पर मिलेगी 43000 हजार सब्सिडी

GUAVA FARMING: अमरूद की खेती किसानों के लिए कम लागत में अधिक मुनाफा देने वाला विकल्प बनती जा रही है। बदलते मौसम और बाजार की लगातार मांग के चलते अमरूद की खेती आज पारंपरिक फसलों के मुकाबले बेहतर आय का साधन मानी जा रही है। खास बात यह है कि अमरूद की खेती में शुरुआती लागत अपेक्षाकृत कम होती है और उचित देखभाल के साथ किसान कई वर्षों तक इससे नियमित आमदनी प्राप्त कर सकते हैं।GUAVA FARMING

यही कारण है कि देश के कई राज्यों में किसान तेजी से अमरूद की बागवानी की ओर रुख कर रहे हैं।कृषि विशेषज्ञों के अनुसार अमरूद की खेती के लिए ज्यादा उपजाऊ जमीन की जरूरत नहीं होती। यह फसल सामान्य दोमट या हल्की रेतीली मिट्टी में भी अच्छी पैदावार देती है। पौध रोपण के बाद दूसरे या तीसरे वर्ष से ही उत्पादन शुरू हो जाता है, जबकि एक बार बगीचा तैयार होने के बाद 15 से 20 साल तक फल प्राप्त किए जा सकते हैं।GUAVA FARMING

एक एकड़ में लगभग 110 से 120 पौधे लगाए जा सकते हैं। सिंचाई, खाद और कीटनाशकों पर खर्च सीमित रहता है, जिससे कुल लागत नियंत्रित रहती है। बाजार में अमरूद की मांग सालभर बनी रहती है, जिससे किसानों को उचित दाम मिलने की संभावना रहती है।

राष्ट्रीय बागवानी मिशन और राज्य बागवानी विभागों के माध्यम से किसानों को पौध खरीद, ड्रिप सिंचाई, मल्चिंग और बाग प्रबंधन के लिए अनुदान दिया जाता है। कई राज्यों में बागवानी फसलों पर 40 से 60 प्रतिशत तक सब्सिडी का प्रावधान है।GUAVA FARMING

आज के समय में परंपरागत खेती से आगे बढ़कर बागवानी ही असली मुनाफे का रास्ता है।
अमरूद की खेती में कम लागत, सरकारी सब्सिडी और लगातार बढ़ती मार्केट डिमांड है।

✔️ 1 एकड़ में लगभग 300 पौधे
✔️ कम लागत में खेती की शुरुआत
✔️ दूसरे साल से आमदनी शुरू
✔️ साल में 2 बार फल उत्पादन
✔️ ₹43,000 प्रति एकड़ सरकारी सब्सिडी (सरकारी योजना अनुसार)

?जो किसान भाई अपनी ज़मीन को बिज़नेस बनाना चाहते हैं, वो आज ही सही प्लानिंग के साथ शुरुआत करें। कृषि विभाग के अधिकारियों का कहना है कि अमरूद की खेती न केवल कम लागत वाली है, बल्कि जोखिम भी अपेक्षाकृत कम है। यदि किसान सरकारी योजनाओं की सही जानकारी लेकर आवेदन करें और वैज्ञानिक तरीके से खेती करें, तो यह फसल उनके लिए स्थायी आय का मजबूत जरिया बन सकती है।GUAVA FARMING

Sunil Chauhan

सुनील चौहान हरियाणा के रेवाड़ी और धारूहेड़ा क्षेत्र की खबरों को कवर करते हैं। उन्हें पत्रकारिता में 10 साल का अनुभव है और वे सामाजिक, प्रशासनिक और स्थानीय मुद्दों पर रिपोर्टिंग करते हैं।

Join WhatsApp

Join Now

google-newsGoogle News

Follow Now