Haryana News: रेवाड़ी। गणतंत्र दिवस पर राष्ट्रीय ध्वज एक बार फिर विश्व की ऊंचाइयों पर गर्व से लहराने जा रहा है। जिले के नेहरूगढ़ गांव के युवा पर्वतारोही नरेंद्र सिंह यादव जो सेवन समिट्स विजेता और अंतरराष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त हैं । वे दक्षिणी अमेरिका की सर्वोच्च चोटी माउंट एकांकागुआ (6,962 मीटर) को दूसरी बार फतह करने के लिए अंतरराष्ट्रीय अभियान का नेतृत्व करेंगे।
इनका संकल्प है कि 26 जनवरी को माउंट एकांकागुआ की चोटी पर तिरंगा लहराया जाएगा, जो देश की राष्ट्रीय भावना को अंतरराष्ट्रीय मंच पर मजबूती से प्रस्तुत करेगा। नरेंद्र सिंह यादव ने 12 वर्ष की उम्र में पर्वतारोहण की शुरुआत की थी और अब तक उन्होंने 23 विश्व रिकॉर्ड अपने नाम किए हैं।Haryana News
इस लक्ष्य को हासिल करने वाले बने पहले व्यक्ति
नरेंद्र सिंह यादव हरियाणा के रेवाड़ी जिले के नेहरूगढ़ गांव के निवासी बताए जा रहे हैं। वे 7 महाद्वीपों की सबसे ऊंची चोटियों पर विजय हासिल करने वाले देश के पहले युवा पुरुष पर्वतारोही बन गए हैं। नरेंद्र का अगला लक्ष्य और भी चुनौतियों भरा होने वाला है।
यह अभियान एनएसवाई आउटडोर के तत्वावधान में आयोजित किया जा रहा है जो भारत की अग्रणी पर्वतारोहण एवं साहसिक गतिविधियों की संस्था के रूप में विश्व मंच पर अपनी सशक्त पहचान बना चुकी है। नरेंद्र सिंह यादव 14 जनवरी को भारत से अर्जेंटीना के लिए रवाना होंगे। अभियान में विश्व के अनुभवी पर्वतारोही भी शामिल होंगे लेकिन भारतीय पर्वतारोही के हाथ में होगी।
सिर्फ पर्वतारोहण ही नहीं, नरेंद्र सामाजिक, सांस्कृतिक और राष्ट्रसेवा के क्षेत्र में भी सक्रिय हैं। वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवक और विश्व हिंदू परिषद से जुड़े हैं। उन्होंने “रन फॉर राम” नामक अनूठा अल्ट्रा मैराथन अभियान शुरू किया, जिसके तहत उन्होंने रामेश्वरम, सोमनाथ और बूढ़ा अमरनाथ से अयोध्या तक कुल 6,211 किलोमीटर दौड़ पूरी की।
इस दौरान वे प्रतिदिन औसतन 51 किलोमीटर दौड़ते हैं। भविष्य की योजनाओं में उनका लक्ष्य एक्सप्लोरर्स ग्रैंड स्लैम को पूरा करना है, जिसमें सातों महाद्वीपों की सर्वोच्च चोटियों के साथ-साथ उत्तर और दक्षिण ध्रुव तक पहुंचना शामिल है। इसके अलावा वे सातों महाद्वीपों के प्रमुख ज्वालामुखी पर्वतों पर आरोहण कर भारत का परचम विश्व मंच पर और ऊंचाइयों तक लाने की तैयारी में हैं।
दिसंबर 2024 में मात्र 30 वर्ष और 10 दिन की आयु में उन्होंने सातों महाद्वीपों की सर्वोच्च चोटियों का सेवन समिट पूर्ण कर भारत के सबसे कम उम्र के पुरुष सेवन समिट पर्वतारोही बनकर इतिहास रच दिया। माउंट एवरेस्ट पर उनकी दो सफल चढ़ाइयां भी शामिल हैं जिनमें एक उन्होंने केवल छह दिनों में पूरी कर अंतरराष्ट्रीय पर्वतारोहण समुदाय को चौंका दिया।

















