Haryana News: हरियाणा के सबसे पिछड़े जिलों में गिने जाने वाले नूंह के छात्रों के लिए अब शिक्षा के क्षेत्र में नई उम्मीद की किरण जागी है। केंद्र सरकार ने नूंह जिले के गांव सालाहेड़ी में पहले केंद्रीय विद्यालय की स्थापना की मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही फिरोजपुर झिरका में राजकीय मॉडल कॉलेज के भवन निर्माण की तैयारी भी शुरू हो चुकी है। इन दोनों प्रोजेक्ट्स से जिले के हजारों छात्रों को उच्च और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का लाभ मिलेगा।
अब नहीं जाना पड़ेगा बाहर पढ़ने
अभी तक नूंह के विद्यार्थी पढ़ाई के लिए दिल्ली, गुरुग्राम या फरीदाबाद जैसे बड़े शहरों पर निर्भर रहते थे। लेकिन अब उनके जिले में ही बेहतरीन शिक्षा सुविधाएं मिलने जा रही हैं। खास तौर पर लड़कियों को इसका सबसे ज्यादा फायदा होगा क्योंकि अब उन्हें पढ़ाई के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा। इससे जिले में बेटियों की शिक्षा दर में भी सुधार की उम्मीद है।
केंद्रीय विद्यालय के लिए जमीन और व्यवस्था
केंद्र की मोदी सरकार ने सालाहेड़ी में केंद्रीय विद्यालय के लिए मंजूरी दे दी है और हरियाणा सरकार ने इसके लिए 6 एकड़ जमीन मुफ्त उपलब्ध कराने की घोषणा की है। जब तक स्थायी भवन तैयार नहीं होता, तब तक छपेड़ा गांव के सरकारी स्कूल में आगामी सत्र से कक्षाएं शुरू की जाएंगी। केंद्रीय विद्यालय संगठन ने यह भी साफ किया है कि विद्यालय की जमीन और भवन पर कोई संपत्ति कर नहीं लगेगा क्योंकि यह केंद्र सरकार की संपत्ति होगी।
15 महीने में बनेगा मॉडल कॉलेज का भवन
फिरोजपुर झिरका में 8.62 करोड़ रुपए की लागत से राजकीय मॉडल कॉलेज की बिल्डिंग बनाई जाएगी। लोक निर्माण विभाग ने इसके लिए टेंडर जारी कर दिया है और 15 महीने में निर्माण पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। फिलहाल कॉलेज की कक्षाएं एक सरकारी स्कूल में चल रही हैं, लेकिन भवन बनने के बाद छात्रों को स्थायी सुविधा मिल जाएगी। यह कदम नूंह की शिक्षा व्यवस्था के लिए ऐतिहासिक साबित होगा।

















