Haryana ने एक बार फिर औद्योगिक विकास के क्षेत्र में अपनी मजबूत स्थिति साबित की है। भारत सरकार के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्रालय द्वारा आयोजित “उद्योग समागम-2025” में हरियाणा को “ईज ऑफ डूइंग बिजनेस” (Ease of Doing Business) पहल के तहत “टॉप अचीवर” राज्य का दर्जा दिया गया है। यह सम्मान हरियाणा को बिजनेस रिफॉर्म्स एक्शन प्लान 2024 के तीन प्रमुख सुधार क्षेत्रों—व्यवसाय प्रवेश, भूमि प्रशासन और स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार—में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए दिया गया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने नई दिल्ली स्थित सुषमा स्वराज भवन में की।
इस सम्मेलन में देशभर के राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को उनके प्रदर्शन के आधार पर सम्मानित किया गया। मूल्यांकन 25 सुधार क्षेत्रों पर किया गया, जिनमें व्यवसाय प्रवेश, निर्माण परमिट, श्रम नियमन, भूमि प्रशासन, पर्यावरण पंजीकरण, उपयोगिता परमिट और क्षेत्र-विशिष्ट सेवाएँ जैसे सेवा क्षेत्र भी शामिल थे। कार्यक्रम में 14 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के उद्योग मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी और उद्योग जगत के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। इस दौरान सभी ने अपने-अपने राज्यों में सुधारों की प्रगति की समीक्षा की और उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले राज्यों को सम्मानित किया।
रिकॉर्ड स्तर पर पारदर्शी मूल्यांकन प्रक्रिया
बिजनेस रिफॉर्म्स एक्शन प्लान 2024 के तहत राज्यों का मूल्यांकन 434 सुधार बिंदुओं पर किया गया। यह अब तक का देश का सबसे बड़ा फीडबैक-आधारित मूल्यांकन अभियान था। इसमें 5.8 लाख व्यवसायों से सीधा फीडबैक लिया गया और 1.3 लाख से अधिक विस्तृत इंटरव्यू किए गए। मूल्यांकन प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के लिए 70 प्रतिशत अंक उपयोगकर्ता फीडबैक और 30 प्रतिशत साक्ष्य सत्यापन (evidence verification) पर आधारित रखे गए। “टॉप अचीवर” श्रेणी केवल उन राज्यों को दी जाती है जो 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करते हैं। यह स्कोर सुधारों के प्रभावी क्रियान्वयन, सिस्टम की कार्यक्षमता और उद्यमियों की संतुष्टि को दर्शाता है। हरियाणा का प्रदर्शन इस बात का प्रमाण है कि राज्य न केवल नीतियों को लागू कर रहा है, बल्कि उन्हें जमीनी स्तर पर कारगर बना रहा है।
हरियाणा बना निवेश का पसंदीदा गंतव्य
हरियाणा के उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के आयुक्त और सचिव डॉ. अमित कुमार अग्रवाल ने कहा कि यह उपलब्धि राज्य की तेज़ी और प्रतिबद्धता को दर्शाती है। उन्होंने कहा, “यह सम्मान इस बात का प्रमाण है कि हरियाणा निवेश को बढ़ावा देने और उद्योगों के लिए एक अनुकूल माहौल तैयार करने की दिशा में निरंतर काम कर रहा है।” राज्य सरकार ने हाल के वर्षों में ‘सिंगल विंडो सिस्टम’, ऑनलाइन अनुमतियों, भूमि आवंटन की पारदर्शी प्रक्रिया और स्वास्थ्य व श्रम सुधारों के जरिए व्यापारियों के लिए माहौल को सरल और सुगम बनाया है। इससे राज्य में घरेलू और विदेशी निवेश दोनों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

















