Haryana News: हरियाणा सरकार की महत्वाकांक्षी “हर घर हर गृहिणी योजना” को लेकर चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले प्रदेश के 46 लाख बीपीएल परिवारों में से केवल 17 लाख परिवारों ने ही योजना के तहत सस्ते गैस सिलेंडर के लिए आवेदन किया है, जबकि योजना के अंतर्गत बीपीएल और अंत्योदय परिवारों को साल में 12 गैस सिलेंडर केवल 500 रुपये प्रति सिलेंडर की दर पर दिए जा रहे हैं।Haryana News
खाद्य आपूर्ति राज्य मंत्री राजेश नागर ने योजना के प्रति कम प्रतिक्रिया पर नाराजगी जताते हुए विभागीय अधिकारियों से इसकी स्टेटस रिपोर्ट तलब की है। उन्होंने आशंका जताई है कि कई परिवार जानबूझकर आवेदन नहीं कर रहे, जबकि अन्य योजनाओं का लाभ लेने के लिए खुद को बीपीएल दर्शाते हैं। इसी के चलते सरकार ने उन परिवारों का भौतिक सत्यापन शुरू कर दिया है, जिन्होंने योजना में पंजीकरण कराया है या इससे दूर हैं।Haryana News
गौरतलब है कि मनोहर लाल सरकार के दूसरे कार्यकाल में बीपीएल कार्ड के लिए आय सीमा को 1.20 लाख रुपये से बढ़ाकर 1.80 लाख रुपये वार्षिक कर दिया गया था, जिससे बीपीएल कार्डधारकों की संख्या में बढ़ोतरी हुई। लेकिन पिछले चार महीनों में 6.36 लाख फर्जी बीपीएल राशन कार्डों को रद्द किया गया है, जिससे सरकार की चिंता और बढ़ गई है।
राज्य सरकार का कहना है कि इस योजना का उद्देश्य उन गरीब परिवारों को एलपीजी गैस की सुविधा देना है जो अब भी लकड़ी या कोयले पर खाना पकाने को मजबूर हैं। इसके लिए एक विशेष पोर्टल भी शुरू किया गया है, लेकिन कम पंजीकरण को लेकर प्रशासनिक स्तर पर जांच तेज कर दी गई है।
अब देखना यह होगा कि सस्ते सिलेंडर जैसी राहतकारी योजना को लेकर बीपीएल परिवारों की उदासीनता की असली वजह क्या है—आवेदन प्रक्रिया की जटिलता, जानकारी का अभाव या फिर फर्जीवाड़े की आशंका। सरकार आने वाले दिनों में योजना की समीक्षा कर सकती है।

















