Haryana News: गुरुग्राम की तस्वीर बदलने वाली है। जिले में कचरा और बंधवाड़ी लैंडफिल पर लगातार दबाव बढ़ता जा रहा था लेकिन अब कचरे के निस्तारण की नई तकनीक खोजी गई है। जिले में एक नया बायोगैस संयंत्र ( New Biogas Plant ) स्थापित होगा जिससे कचरे की समस्या तो खत्म होगी साथ ही साथ रोजगार के रास्ते भी खुलेंगे।

100 करोड़ की लागत से गुरुग्राम में खुलेगा नया बायोगैस प्लांट

गुरुग्राम के मानेसर नगर निगम क्षेत्र के भांगरौला गांव में 100 करोड़ की लागत से अत्यधिक बायोगैस प्लांट खुलेगा। गुरुग्राम का सारा गीला कचरा यहां भेजा जाएगा और इससे बायोगैस तैयार होगा। इसे बंधवाड़ी लैंडफिल पर कचरे का दबाव कम होगा।

पहले गुरुग्राम शहर में बायोगैस प्लांट (Plant Plan) लगाने की योजना तैयार की गई थी लेकिन अब मानेसर में इसके लिए जमीन चिन्हित की गई है। मानेसर में अधिक जमीन आसानी से उपलब्ध होने के वजह से यहां बायोगैस प्लांट लगाया जा रहा है।

कचरे की समस्या से मिलेगा छुटकारा

बता दे की गुरुग्राम और फरीदाबाद का मिश्रित कचरा बंदवाड़ी लैंडफिल में डाला जाता है। लगातार कचरा बढ़ता जा रहा है जिससे लैंडफिल पर दबाव भी बढ़ता जा रहा है। लेकिन अब यह दबाव खत्म होने वाला है क्योंकि नया बायोगैस प्लांट 10 एकड़ जमीन में 100 करोड़ की लागत से बनेगा इसके बाद सभी कचरा से बायोगैस का उत्पादन किया जाएगा।

हजारों युवाओं को मिलेगा रोजगार

बायोगैस संयंत्र स्थापित होने से केवल बायोगैस ही नहीं बनेगा बल्कि प्रत्यक्ष रूप से हजारों युवाओं को रोजगार मिलेगा वहीं और प्रत्यक्ष रूप से भी कई लोगों को रोजगार मिलेगा। यह प्रोजेक्ट मानेसर के लिए गेम चेंजर साबित होगी। लंबे समय से कचरा निस्तारण के लिए योजना बनाई जा रही थी और अब सरकार के द्वारा इस प्रोजेक्ट को धरातल पर उतार दिया जाएगा।