Operation Sindoor: ऑपरेशन सिंदूर का बरसी पूरे देश में मनाया जा रहा है। आज ही के दिन 8 मई 2025 को ऑपरेशन सिंदूर के दौरान हरियाणा के लाल दिनेश शर्मा शहीद हो गए थे। बच्चे की दुनिया में आने से 2 महीने पहले ही दिनेश ने दुनिया को अलविदा कह दिया था। जब दिनेश शर्मा शहीद हुए उस समय उनकी पत्नी गर्भवती थी और वह बार-बार रो कर कह रही थी कि मेरी एक बार मेरे पति से बात करवा दो। 8 मई 2025 को ही पलवल में उनके पैतृक गांव गुलाबाद में राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार हुआ था।
लांस नायक दिनेश के तीन बच्चे हैं। भले ही साल बीत चुका है लेकिन आज भी उनके परिवार दर्द नहीं भूल पाया है। पत्नी ने बताया कि 7मई को जब वह अपने पति से बात कर रही थी तो उन्होंने कहा था कि अभी ड्यूटी पर हूं 12:00 कॉल करूंगा और उसके बाद उनका कभी कॉल नहीं आया। मंगलवार 8 तारीख को पत्नी पूरे दिन कॉल करती रही लेकिन किसी ने कॉल नहीं उठाया और शाम को फोन आया कि दिनेश के गर्दन में चोट लगी है वह ऑपरेशन थिएटर में है और इसके बाद उनके शहादत की खबर आई।
3 साल में लेने वाले थे रिटायरमेंट (Operation Sindoor)
दिनेश शर्मा की पत्नी सीमा शर्मा ने बताया कि उनके पति लास्ट टाइम छुट्टी काट कर गए थे तब उन्होंने कहा था कि अब मैं तुझे कभी परेशान नहीं करूंगा और ना ही कोई दुख दूंगा। वह अपनी बेटी को डॉक्टर बनना चाहते थे इसके लिए वह सुकन्या योजना में पैसा भी लगा रहे थे।
वही आज अपने बेटे को याद करके दिनेश शर्मा की मां की आंखें भी नम हो गई। शहीद दिनेश शर्मा के पिता दयाचंद शर्मा ने बताया कि उनके दो बेटे और सेना में हैं। दिनेश के छोटे भाई हरदत शर्मा अग्नि वीर में तैनात है। आपको बता दे कि भले ही दिनेश शर्मा ने दुनिया को अलविदा कह दिया है लेकिन पूरा हरियाणा आज भी उनके शहादत को याद करके गर्व करता है।
हमें गर्व है देश के उन वीरों पर जिन्होंने देश के लिए अपने प्राणों की बाजी लगा दी। दिनेश कुमार शर्मा का बलिदान युगों युगों तक याद रखा जाएगा।
















