Rewari News: धारूहेड़ा औद्योगिक कस्बे के गांव खरखड़ा, खलीलपुर, तीतरपुर, निखरी, रसगन, खिजूरी सहित आसपास के गांवों के ग्रामीणों ने वर्ष 2026-27 के लिए प्रस्तावित कलेक्टर रेट सूची पर कड़ी आपत्ति जताई है। ग्रामीणों ने उपायुक्त सह रजिस्ट्रार को ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि इन गांवों की जमीनें राष्ट्रीय राजमार्ग एनएच-8 (दिल्ली-जयपुर हाईवे) से जुड़ी हुई हैं, जहां वर्तमान में बाजार भाव 5 करोड़ रुपये से लेकर 8 करोड़ रुपये प्रति एकड़ तक चल रहा है।Rewari News
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धारूहेड़ा के गांव खलियावास के सरपंच राजकुमार, खरखडा के सरपंच सुशीला यादव, निखरी के सरपंच सुनील कुमार, पंचायत समिति मेंबर धीरज यादव, पूर्व सरपंच रसगण से सुमन यादव ने बताया कि कलेक्टर रेट को काफी कम रखा गया है, जिससे किसानों और जमीन मालिकों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। किसानों का कहना है प्रस्तावित रेट वास्तविक बाजार मूल्य के अनुरूप नहीं हैं और इससे जमीन की खरीद-फरोख्त पर भी असर पड़ेगा।

उन्होंने मांग की है कि एनएच-8 से सटी सभी जमीनों का कलेक्टर रेट कम से कम 5 करोड़ रुपये प्रति एकड़ या उससे अधिक निर्धारित किया जाए, ताकि किसानों के हित सुरक्षित रह सकें और उन्हें उचित मूल्य मिल सके।Rewari News
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एनएच-8 से सटी सभी जमीनों का कलेक्टर रेट कम से कम 6 करोड़ रुपये प्रति एकड़ या उससे अधिक निर्धारित किया जाए, ताकि किसानों के उचित मूल्य मिल सके।
सुमन यादव, पूर्व सरपंच रसगण

रिहायशी प्लॉटों का कलेक्टर रेट कम से कम 10 हजार रुपये प्रति वर्ग गज से ऊपर तय किया जाए। उनकों उम्मीद है कि प्रशासन उनकी मांगों पर विचार कर वास्तविक बाजार स्थिति के अनुसार संशोधन करेगा।Rewari News
एडवोकेट अनिल यादव

















