Rewari News: आजकल स्कूल बच्चे तनाव के चलते सुसाइड कर लेते है। धारूहेड़ा में पिछले 30 घंटे में दो नाबालिगो ने सुसाइड कर लिया है। सवाल यहां है आज का युवा किस ओर जा रहा है। जिस उम्र में बच्चो खेलने के साथ पढाई करनी चाहिए वो जान देने पर तुले हुए है। दोनो बेटियों की सुसाइड ने परिजनों के साथ समाज को झकझोर कर लिया हैं
जानिए क्या है ऐसे कारण तो युवा भटक रहा हैं कैसे करें बचाव
घर में तनाव: दोनो ही मामलों में घर में तनाव मिला है। परिवार मे तनाव भी आज की युवा पीढी को भटकने के लिए मजबूर देता है। ऐसे में साफ जाहिर है घर में शांति रखना बहुत जरूरी हैं
मोबाइल का यूज: बच्चो की लत मोबाइल पर ज्यादा निर्भर हो रही है। ऐसे में बच्चो का माता पिता का व्यवहार भी अखर रहा है। ज्यादा मोबाइल भी बच्चो को दूसरी ओर ले जा रहा है। एक समय था जब मोबाइल का उपयोग मुख्य रूप से संचार, मनोरंजन, शिक्षा और व्यापार जैसे कई कार्यों के लिए होता था। इसका उपयोग गेम खेलने के चलते बच्चे अपने लक्ष्य से भटक रहे है।
आउटडोर गतिविधियों बढाए: कई बार बच्चा तनाव से भागकर स्क्रीन यानि मोबाइल में डूब जाता है। आपको बच्चे के स्क्रीन टाइम को कम करना चाहिए, जिससे वो आपके साथ अपनी बातें शेयर कर सके। बच्चे की आउटडोर गतिविधियों को बढ़ाएं और ऑनलाइन चीजों से दूर रखने की कोशिश करें।
स्कूली बच्चों में क्योंं बढ रहा है तनाव: अगर आपका बच्चा अचानक से परिवार और दोस्तों से दूरी बना ले, तो आपको इस बारे में समझना चाहिए कि बच्चे के साथ स्कूल या अन्य किसी जगह पर गलत व्यवहार हो रहा है। अगर बार-बार बच्चा अकेले रहना या कमरे में बंद रहना भी उनकी मानसिकता में बदलाव लाता है।
प्यार से समझाए: बता दे कि बच्चे अक्सर डरते हैं कि उन्हें गलत समझा जाएगा या उन्हें किसी बात पर डांट पड़ सकती है। आप बच्चे को डांटने के बजाय किसी भी बात पर प्यार से समझाने की कोशिश करें। इतना ही नहीं आप उनकी बात बिना जजमेंट के सुनेंगे। बच्चो से बातचीत बहुत जरूरी है ताकि तनाव नहीं बढे।
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