Haryana: गुरुग्राम के निवासियों के लिए बड़ी राहत की खबर है। लंबे समय से जारी पेयजल संकट से निपटने के लिए गुरुग्राम मेट्रो डेवलपमेंट अथॉरिटी (GMDA) ने बसई जल शोधन संयंत्र (Water Treatment Plant)की क्षमता बढ़ाने की योजना को मंजूरी दे दी है।
इस संयंत्र की मौजूदा क्षमता 270 एमएलडी (मिलियन लीटर प्रति दिन) है, जिसे बढ़ाकर 370 एमएलडीकिया जाएगा। नई इकाई चंदू बुढेरा जल संयंत्र की तर्ज पर तैयार की जाएगी, जो पहले से ही सफल मॉडल साबित हुआ है।Haryana
GMDA ने 100 एमएलडी की नई इकाई के निर्माण के लिए निविदा प्रक्रिया (tender process) शुरू कर दी है। अधिकारियों ने बताया कि यह प्रोजेक्ट अगले साल के अंत तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।Haryana
नई इकाई में आधुनिक पंपिंग मशीनें, फिल्टर सिस्टम और बड़े भंडारण टैंक लगाए जाएंगे। साथ ही, सिंचाई विभाग से अतिरिक्त नहर जल आपूर्ति के लिए भी प्रस्ताव भेजा गया है ताकि गर्मियों में पानी की कमी न हो।
शहर के पुराने इलाकों — डीएलएफ, दूधाहेड़ा, चक्करपुर, नाथूपुर, सिरहौल, सेक्टर-22, 23, 56, 57 और सुशांत लोक फेज-2 व 3 — में हर साल गर्मी के मौसम में पानी की भारी किल्लत होती है। कई बार लोगों को 1500 से 2000 रुपये तक में निजी टैंकर से पानी मंगवाना पड़ता है। लेकिन बसई संयंत्र की क्षमता बढ़ने से इन क्षेत्रों में जल आपूर्ति स्थायी रूप से बेहतर होगी।
वर्तमान में गुरुग्राम की आबादी लगभग 40 लाख के आसपास है। शहर में चंदू बुढेरा संयंत्र की क्षमता 400 एमएलडी और बसई की 270 एमएलडी मिलाकर कुल 670 एमएलडी जल आपूर्ति होती है, जबकि गर्मी के दिनों में मांग 700 एमएलडी से अधिक पहुंच जाती है। नगर निगम के 494 बोरवेल्स से अतिरिक्त 100 एमएलडी पानी उपलब्ध कराया जाता है।
नई इकाई शुरू होने के बाद शहर की कुल जल आपूर्ति क्षमता 770 एमएलडी तक पहुंच जाएगी। इससे पुराने गुरुग्राम के साथ-साथ तेजी से विकसित हो रहे नए सेक्टरों में भी नियमित जल आपूर्ति सुनिश्चित होगी। यह कदम गुरुग्राम को भविष्य के पेयजल संकट से बचाने की दिशा में एक बड़ा और सकारात्मक प्रयास माना जा रहा है।

















