Indian Railways: रेलवे ने सामान्य आरक्षण की ऑनलाइन टिकट बुकिंग में धोखाधड़ी और बिचौलियों के गलत इस्तेमाल को रोकने के लिए एक अहम फैसला लिया है। अब जब भी किसी ट्रेन की जनरल रिजर्वेशन की खिड़की खुलेगी, तो पहले 15 मिनट के दौरान आरक्षित जनरल टिकट केवल आधार-प्रमाणित आईआरसीटीसी खातों के माध्यम से ही बुक किए जा सकेंगे। यह नियम आईआरसीटीसी की वेबसाइट और मोबाइल एप दोनों पर लागू होगा। इसका मकसद नकली आईडी या बॉट्स का इस्तेमाल करके जल्दी-जल्दी टिकट बुक करने की प्रवृत्ति को खत्म करना है और टिकट बुकिंग प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाना है।
रेल अधिकारियों के अनुसार, पिछले कुछ महीनों में आईआरसीटीसी प्लेटफॉर्म पर नकली खातों और बॉट्स के जरिए टिकट बुकिंग का व्यापक दुरुपयोग देखा गया था। कई लोग जल्दी टिकट हासिल करने के लिए कई फर्जी खाते बनाते और बॉट्स का इस्तेमाल करते थे, जिससे आम यात्रियों के लिए आरक्षण कठिन हो जाता था। इसे रोकने के लिए रेलवे ने यह नया नियम लागू किया है।
वाणिज्य अधिकारी नवीन कुमार ने यात्रियों से अपील की है कि वे अपनी आईआरसीटीसी आईडी को आधार से लिंक कर लें। ऐसा करने से उन्हें आरक्षित टिकटों की बुकिंग में कोई समस्या नहीं आएगी और वे शुरूआती 15 मिनट में आसानी से टिकट बुक कर पाएंगे। इस व्यवस्था से आधार-सत्यापित यात्रियों को प्राथमिकता मिलेगी, जबकि नकली खाते और बॉट्स का दुरुपयोग पूरी तरह बंद होगा।
रेल मंत्रालय का यह कदम टिकट बुकिंग प्रणाली में पारदर्शिता और सुरक्षा बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। इससे न केवल आम यात्रियों को आरक्षण में आसानी होगी, बल्कि रेलवे के संसाधनों का सही इस्तेमाल सुनिश्चित होगा। भविष्य में यह कदम ऑनलाइन आरक्षण को और अधिक सुरक्षित और भरोसेमंद बनाने में मदद करेगा। यात्रियों को अपने खाते और आधार लिंकिंग की प्रक्रिया समय रहते पूरी करनी होगी, ताकि आरक्षण के दौरान कोई अड़चन न आए और सभी को न्यायसंगत तरीके से टिकट मिल सके।

















