Haryana News: हरियाण के रेवाड़ी जिले में एक निजी अस्पताल की संवेदनहीनता उस समय सामने आई जब फीस न मिलने पर मृतक का शव परिजनों को सौंपने से इंकार कर दिया गया। मामला पाडला गांव निवासी 42 वर्षीय सुनील शर्मा का है, जिन्हें शनिवार को खून की उल्टी होने के बाद परिजन इलाज के लिए शहर के एक निजी अस्पताल में लेकर पहुंचे थे। भर्ती के समय परिजनों ने 15 हजार रुपये भी जमा कराए थे, लेकिन रविवार सुबह उनकी मौत हो गई।Haryana News
मृतक के बेटे रोहित ने आरोप लगाया कि जब वह शव लेने अस्पताल पहुंचा तो प्रबंधन ने 55 हजार रुपये की अतिररिक्त राशि की मांग की और पैसे न देने पर शव देने से साफ इनकार कर दिया। परिजनों ने डाक्टरों की कार्यशैली पर काफी सवाल उठाए।

परिजनों के विरोध के बाद मौके पर डॉयल 112 पुलिस टीम बुलाई गई। पुलिस की मौजूदगी में अस्पताल प्रबंधन और परिजनों के बीच काफी बहस के बाद 20 हजार रुपये में समझौता हुआ और शव सौंपा गया।
परिवार ने बताया कि मृतक सुनील शर्मा गांव के जलघर में वाटर सप्लाई पर ठेकेदार के अधीन काम करते थे। उनके परिवार में पत्नी, दो बेटियां और बेटा है, जो अभी पढ़ाई कर रहा है। रोहित का कहना है कि मौत की सूचना और अस्पताल के रवैये से परिवार पूरी तरह टूट गया है, और तीज जैसे पर्व पर भी घर में चूल्हा नहीं जला।Haryana News
पीड़ित पक्ष ने यह भी आरोप लगाया कि रात के समय अस्पताल में कोई डॉक्टर मौजूद नहीं था, जिससे समय पर इलाज नहीं मिल सका। इस घटना ने एक बार फिर निजी अस्पतालों की कार्यप्रणाली और मानवीय संवेदनाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

















