Rajasthan News: राजस्थान के खैरथल-भिवाड़ी का है एक अजीब मामला आया है। एक दो पुलिस कर्मी बल्कि दो थानो की पुलिस, सीआई व जिला प्रशासन की अगुवाई में आजादी के 67 साल बाद दलित दूल्हे की निकासी घोड़ी पर नहीं निकली गई। Rajasthan News
चर्चा में आया गांव: बताया जा रहा है इस गांव में आजादी के बाद से आज तक कोई भी दलित दूल्हे घोडी पर नही बैठा था। पहली बार भारी पुलिस बल के साथ दलित दूल्हे की निकासी घोड़ी पर नहीं निकली गई।Rajasthan News
किया जा रहा था विरोध: बता दे कि राजस्थान के खैरथल-भिवाड़ी के गांव लाहडोद में आशीष और उसका परिवार गांव में जातीय भेदभाव से परेशान था। गांव में दलित परिवार को घोडी पर नही बैठन दिय जाता हैं Rajasthan News

यह परिवार इस इस परंपरा को खत्म करना चाहता था। इतना ही उनकों लेडर था कि गांव का विशेष समुदाय इस पर इसको लेकर आपत्ति जताएगा। इसी को लेकर दुल्हे के परिवार की ओर से कोटकासिम थाने में लिखित शिकायत दी गई थी।Rajasthan News
प्रशासन रहा सक्रिय: सूचना पाकर कोटकासिम और किशनगढ़बास थानाधिकारी जितेंद्र सिंह और भिवाड़ी सीआईडी इंचार्ज प्रीति राठौड़ गांव में भारी पुलिस बल के साथ पहुंची। जिसके पुलिस की कड़ी सुरक्षा के बीच दूल्हे की घोड़ी पर निकासी निकाली गई।Rajasthan News
बहन का दूल्हा पैदल ही आया था गांव में: ग्रामीणो ने बताया कि गांव में पहली बार कोई दूल्हा अपनी शादी में घोड़ी पर बैठा है। बताया जा रहा है कि इस दूल्हे की बहन की कुछ साल पहले शादी हुई थी। उस समय दबंगों के डर से दूल्हा गांव में पैदल ही आया था।Rajasthan News

















