Rewari News: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री कैप्टन अजय सिंह यादव ने धारूहेड़ा स्थित मसानी बैराज में भरे प्रदूषित पानी की निकासी को लेकर सरकार की मौजूदा योजना पर गंभीर सवाल उठाए हैं।Rewari News
पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि सिंचाई विभाग द्वारा प्रस्तावित 40 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन बिछाने की योजना जनता की गाढ़ी कमाई का फिजूल खर्च है। इस पर करीब 250 करोड़ रुपये का खर्च आएगा, जबकि यही समस्या बेहद कम लागत और कम समय में हल की जा सकती है।Rewari News
कैप्टन अजय यादव ने बताया कि रेवाड़ी, कालूवास, धारूहेड़ा सहित आसपास के क्षेत्रों में पहले से बने 5 सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) कार्यरत हैं, जिनका ट्रीट किया हुआ पानी आज भी मसानी बैराज में छोड़ा जा रहा है।
यदि इन एसटीपी की गुणवत्ता को बेहतर किया जाए और इन्हें सीधे ड्रेन नंबर 8 से जोड़ा जाए, तो समस्या का स्थायी समाधान तुरंत संभव है और अतिरिक्त खर्च की भी जरूरत नहीं पड़ेगी।
पूर्व मंत्री ने कहा कि जब पांच एसटीपी पहले से मौजूद हैं, तो 40 किलोमीटर पाइपलाइन बिछाने की जरूरत समझ से परे है। उन्होंने सरकार से मांग की कि मसानी बैराज में केवल नहरी और बरसाती पानीही डाला जाए, ताकि आस-पास के गांवों का भूजल स्तर (वाटर लेवल) संतुलित बना रहे।
साथ ही भिवाड़ी और धारूहेड़ा से आने वाले केमिकलयुक्त दूषित पानी को ड्रेन-8 में जोड़ने की व्यवस्था की जाए, जिससे धारूहेड़ा क्षेत्र में प्रदूषित पानी की समस्या का स्थायी समाधान किया जा सके।

















