Monsoon havoc in Himachal: हिमाचल प्रदेश में बाढ का कहर जारी है। बता दे कि इस मानसून सीजन में प्राकृतिक आपदाओं से अब तक 110 लोग प्रभावित हुए हैं। जबक बाढ के चलते अब तक 364 लोगों की मौत हो चुकी है। ग्रामीणों क अनुसार बाढ के चलते 60 लोग लापता हैं। बाढ के चलते 3979 करोड़ की संपत्ति को नुकसान हो चुका है Monsoon havoc in Himachal
राष्ट्रीय राजमार्ग बंद: बाढ का कहर तेजी से बढ रहा है। बुनियादी सुविधाएं भी प्रभावित हुई हैं। 4 राष्ट्रीय राजमार्ग सहित 1087 सड़कें बंद हैं। 2838 बिजली ट्रांसफॉर्मर और 509 पेयजल योजनाएं भी ठप पड़ी हैं।
कुल्लू के अखाड़ा बाजार में बुधवार को हुए भूस्खलन में एक व्यक्ति का शव मिला है। एनडीआरएफ का एक जवान अभी भी लापता है। वीरवार की सुबह हुए हादसे में 3 लोग मलबे में दबे हुए हैं।Monsoon havoc in Himachal
प्रदेश में 133 लैंडस्लाइड, 95 बाढ़ और 45 बादल फटने की घटनाएं दर्ज की गईं। इन आपदाओं से 1078 मकान पूरी तरह नष्ट हो गए हैं। 4584 मकानों को आंशिक नुकसान पहुंचा है। कुल मिलाकर 3979 करोड़ रुपए की निजी और सरकारी संपत्ति को नुकसान हुआ है।
बरसात से सड़कों की हालत सबसे ज्यादा खराब है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार प्रदेश में शुक्रवार शाम तक 4 नेशनल हाइवे और 1087 सड़कें बंद पड़ी रहीं। सबसे गंभीर स्थिति मंडी जिले की है, जहां चंडीगढ़-मनाली नेशनल हाइवे 31 अगस्त से लगातार बंद है।Monsoon havoc in Himachal

इसके अलावा किन्नौर का एनएच-05, कुल्लू का एनएच-3 और एनएच-305, लाहौल-स्पीति का एनएच-505 और मंडी का एनएच-03 भी ठप हैं। अकेले मंडी जिले में 275 सड़कें बंद हैं। कुल्लू में 225, शिमला में 201, चंबा में 166 और कांगड़ा में 41 सड़कें आवाजाही के लिए ठप हैं। सड़कों के बंद रहने से ट्रकों में लदा माल, सब्जियां और फल खराब होने लगे हैं। सेब सीजन पर इसका सीधा असर पड़ा है।
हालांकि फिलहाल बारिश थोड़ी कमजोर हुई है, लेकिन मौसम विभाग ने फिर अलर्ट जारी किया है। 8 और 9 सितंबर को प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश का येलो अलर्ट दिया गया है। 8 सितंबर को उना और सिरमौर, जबकि 9 सितंबर को बिलासपुर, सोलन और कांगड़ा में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। 7, 10 और 11 सितंबर को किसी तरह का अलर्ट नहीं है। बीते 24 घंटों में मंडी के बाग्गी में सबसे ज्यादा 61 मिमी बारिश दर्ज की गई।Monsoon havoc in Himachal
दो दिन मिलेगी राहत: मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों के लिए राहत की खबर दी है। मानसून कमजोर पड़ेगा और कोई बारिश अलर्ट नहीं है। 8-9 सितंबर को वेस्टर्न डिस्टरबेंस के कारण कुछ क्षेत्रों में बारिश हो सकती है। शिमला और कुल्लू में इस बार सामान्य से 100 फीसदी से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है।Monsoon havoc in Himachal
















