हरियाणा में बढ़ते Kidney रोग सरकार के कदम और जागरूकता की जरूरत

On: March 13, 2026 8:19 AM
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Rising Kidney Diseases in Haryana: Government Steps and the Need for Public Awareness

हरियाणा में पिछले कुछ वर्षों के दौरान Kidney से जुड़ी बीमारियों के मामलों में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है। बदलती जीवनशैली, अनियमित खानपान, तनाव और शारीरिक गतिविधियों की कमी ने स्वास्थ्य से जुड़ी कई गंभीर समस्याओं को जन्म दिया है। इन्हीं में से एक प्रमुख समस्या किडनी रोग भी है, जो धीरे-धीरे बड़ी स्वास्थ्य चुनौती के रूप में सामने आ रहा है। राज्य सरकार इस स्थिति को गंभीरता से लेते हुए इलाज और रोकथाम दोनों स्तरों पर कई महत्वपूर्ण कदम उठा रही है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार हरियाणा में बड़ी संख्या में लोग डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर से प्रभावित हैं। ये दोनों बीमारियां किडनी को नुकसान पहुंचाने वाले सबसे बड़े कारण मानी जाती हैं। राज्य में लगभग 12.7 प्रतिशत लोग डायबिटीज से पीड़ित हैं, जबकि करीब 23 प्रतिशत लोग हाइपरटेंशन यानी उच्च रक्तचाप की समस्या से जूझ रहे हैं। इन दोनों बीमारियों के कारण किडनी फेल होने या किडनी से संबंधित जटिल समस्याओं का खतरा काफी बढ़ जाता है।

Rising Kidney Diseases in Haryana: Government Steps and the Need for Public Awarenessपिछले डेढ़ साल के दौरान हरियाणा के सरकारी अस्पतालों में लगभग 2,38,954 किडनी रोगियों ने इलाज कराया है। यह आंकड़ा इस बात की ओर संकेत करता है कि किडनी से जुड़ी समस्याएं राज्य में तेजी से बढ़ रही हैं। डॉक्टरों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते सावधानी और सही इलाज न किया जाए तो यह समस्या और भी गंभीर रूप ले सकती है।

किडनी रोगों की बढ़ती चुनौती ?

विशेषज्ञों के अनुसार किडनी रोग अक्सर धीरे-धीरे विकसित होते हैं और शुरुआती चरण में इसके लक्षण स्पष्ट रूप से दिखाई नहीं देते। कई बार मरीज को तब तक पता ही नहीं चलता कि उसकी किडनी प्रभावित हो चुकी है, जब तक बीमारी गंभीर स्थिति में नहीं पहुंच जाती। यही कारण है कि नियमित स्वास्थ्य जांच और जागरूकता बेहद जरूरी मानी जाती है। डायबिटीज और हाइपरटेंशन के अलावा मोटापा, अधिक नमक का सेवन, धूम्रपान, शराब का अत्यधिक उपयोग और शारीरिक गतिविधियों की कमी भी किडनी रोगों के जोखिम को बढ़ाते हैं। आज के समय में लोगों की जीवनशैली काफी बदल चुकी है, जिसमें फास्ट फूड, अनियमित दिनचर्या और मानसिक तनाव का बड़ा योगदान है। इन सभी कारणों से किडनी पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है और समय के साथ उसकी कार्यक्षमता प्रभावित हो सकती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि यदि लोग अपने खानपान और जीवनशैली में सुधार करें, नियमित व्यायाम करें और समय-समय पर स्वास्थ्य जांच कराते रहें तो किडनी रोगों के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

इलाज और सुविधाओं को मजबूत कर रही सरकार ?

हरियाणा सरकार किडनी रोगियों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराने के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं का लगातार विस्तार कर रही है। राज्य के प्रमुख सरकारी अस्पतालों में डायलिसिस सेवाओं को मजबूत किया जा रहा है ताकि जरूरतमंद मरीजों को समय पर उपचार मिल सके। कई अस्पतालों में आधुनिक डायलिसिस मशीनें और अत्याधुनिक उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं। इसके अलावा सरकार स्वास्थ्य केंद्रों और जिला अस्पतालों में भी किडनी से संबंधित जांच और उपचार की सुविधाओं को बढ़ा रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले मरीजों को भी बेहतर चिकित्सा सेवाएं मिल सकें, इसके लिए विशेष योजनाएं लागू की जा रही हैं। कई जगहों पर नि:शुल्क या कम लागत पर डायलिसिस सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को बड़ी राहत मिल रही है।

सरकार के साथ-साथ स्वास्थ्य विशेषज्ञ भी लोगों को जागरूक करने पर जोर दे रहे हैं। उनका कहना है कि किडनी रोगों से बचाव के लिए सबसे जरूरी है कि लोग अपनी जीवनशैली में सुधार करें। संतुलित आहार, पर्याप्त पानी का सेवन, नियमित व्यायाम और समय पर स्वास्थ्य जांच जैसे छोटे-छोटे कदम गंभीर बीमारियों से बचाने में मददगार साबित हो सकते हैं। कुल मिलाकर हरियाणा में किडनी रोगों की बढ़ती समस्या को देखते हुए सरकार और स्वास्थ्य विभाग दोनों सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं। इलाज की सुविधाओं के विस्तार के साथ-साथ लोगों में जागरूकता बढ़ाना भी बेहद जरूरी है। यदि समाज के सभी वर्ग मिलकर स्वास्थ्य के प्रति सजग रहें, तो किडनी रोगों जैसी गंभीर समस्याओं को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।

P Chauhan

मै पीके चौहान पिछले 6 साल में पत्रकारिता में कार्यरत हूं। मेरे द्वारा राजनीति, क्राइम व मंनोरजन की खबरे अपडेट की जाती है।

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