Rewari News: बेसहारा पशुओं का लगातार आतंक शहर में बढ़ता जा रहा था। कई बार दुर्घटनाएं भी हो चुकी हैं। नगर परिषद के अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही शहर पशु मुक्त होगा। शहर के सभी पशुपालकों से भी आग्रह है अपने पशुओं को खुला ना छोड़ें। शहर को कैटल फ्री बनाने में सहयोग करें।
अब जागी नपा: नगर परिषद की ओर से गाेवंश को पकड़ने की दिशा में कार्य शुरू कर दिया गया है। दरअसल शहर को कैटल मुक्त बनाने के लिए एजेंसी को टेंडर दिया जा चुका है। एजेंसी ने कार्य भी शुरू कर दिया है।
एक गाय को पकडने का मिलेगा 2050 रूपया
नपा की की ओर से एजेंसी को प्रति पशु के हिसाब से पैसा दिया जाएगा। यानी कि जितने (Cattle free rewari) पशु एजेंसी पकड़ेगी उसी हिसाब से नगर परिषद की तरफ से भुगतान किया जाएगा। नगर परिषद ने एक गाय पकड़ने के लिए 2050 रुपये, सांड़ पकड़ने के लिए 2450 रुपये और बछड़ा पकड़ने के लिए 1750 रुपये निर्धारित किए हैं। टीम की ओर से पशुओं को पकडना शुरू कर दिया गया है।
बता दें कि फरवरी में अदालत में नगर परिषद ने बेसहारा पशुओं के मामले में 26 जून से लेकर 20 नवंबर 2023 तक का ब्योरा पेश किया था। कोर्ट में नगर परिषद ने बताया था कि शहर से 26 गाय, 220 सांड़ और 10 बछड़े इस अवधि में पकड़े गए थे, जिनको धारूहेड़ा गौशाला में भेजा गया था।
8 साल से कागजों चल रहा है कैटल फ्री
भले ही गोवशोंं ने किसी की जान ले ली होख् लेकिन रेवाडी को वर्ष 2016 से कैटल फ्री घोषित किया जा चुका है, लेकिन हकीकत में स्थिति इसके उलट है। बार-बार टेंडर छोड़ने पर लाखों रुपये का खर्च आता है। लेकिन पशुओ की संख्या बढती ही जा रही है।
एक फोटोग्राफर की जा चुकी है जान
बेसहारा पशु के हमले की वजह से करीब तीन साल पहले एक फोटोग्राफर की मौत हो चुकी है। इसके बाद शहर के लोगों ने कई दिन तक धरना-प्रदर्शन भी किया था। भाड़ावास फाटक के पास आपस में लड़ते दो सांड़ों ने अनिता को टक्कर मार दी। इससे उसके हाथ, पैर, सिर में गंभीर चोटें लगी थी।
19 मार्च 2024 को शहर के सेक्टर चार में बुजुर्ग को पीट पीट कर अधमरा कर दिया था। सड़क पर दो सांड़ आपस में भिड़ गए थे। पास खड़ी दो कारें और एक बाइक क्षतिग्रस्त हो गई थी। करीब 15 मिनट तक अफरातफरी का माहौल रहा। लोग अपने वाहन छोड़कर दुकानों के अंदर छिप गए।
















