कुमारी सैलजा ने भविष्य के लिए किरण व श्रुति को शुभकामनाएं दीं
Political News Haryana: अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव, हरियाणा कांग्रेस की पूर्व प्रदेशाध्यक्ष, उत्तराखंड की प्रभारी, पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं कांग्रेस कार्यसमिति की सदस्य एवं सिरसा लोकसभा सीट से कांग्रेस (इंडिया गठबंधन) की विजयी सांसद कुमारी सैलजा ने कहाबुधवार को शहर के एक निजी रिज़ॉर्ट में कार्यकर्ता अभिनंदन सम्मेलन के दौरान पत्रकारों से बातचीत कर रही थीं।
उन्होंने कहा कि किरण, श्रुति सहित कई नेताओं के साथ नाइंसाफी हुई। यही कारण है कि दोनों को कांग्रेस छोड़कर भाजपा में जाने का फैसला करना पड़ा। कुमारी सैलजा ने भविष्य के लिए किरण व श्रुति को शुभकामनाएं दीं। Political News Haryana
किरण चौधरी व उनकी बेटी श्रुति चौधरी के साथ हुई नाइंसाफी
तोशाम से विधायक एवं पूर्व मंत्री किरण चौधरी व उनकी बेटी श्रुति चौधरी के साथ नाइंसाफी हुई है। मैं चाहती थी कि वह दोनों साथ रहतीं तो हम मिलकर कांग्रेस के लिए काम करतीं। सैलजा का इशारा पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा की ओर था। उन्होंने यहां तक कहा कि पूर्व मंत्री बीरेंद्र सिंह के साथ भी यही हुआ था।

सांसद कुमारी सैलजा ने कहा कि चौधरी बीरेंद्र सिंह के साथ भी नाइंसाफी हुई थी। इसी तरह रणजीत सिंह चौटाला सहित कई अन्य नेता भी हैं, जिन्होंने पार्टी छोड़ी। हालांकि बीरेंद्र सिंह कांग्रेस में लौट आए हैं।
उन्होंने कहा कि किरण चौधरी, श्रुति चौधरी, रणजीत सिंह सुरजेवाला व बीरेंद्र सिंह ने लोकसभा चुनाव में खूब मेहनत कीं, जिसका नतीजा है कि वे सिरसा से जीतकर सांसद बनीं। उन्होंने लोकसभा चुनाव में सपोर्ट करने पर सभी नेताओं का आभार जताया।
सांसद कुमारी सैलजा ने कहा कि आज हरियाणा में बदलाव की बयार बह रही है जो कांग्रेस के पक्ष में है, जनता सरकार बदलकर कांग्रेस की सरकार बनाना चाहती हैं।
इसके लिए सभी को एकजुट होकर पहले की भांति चुनाव मैदान में उतरना है। पार्टी की ओर से जो भी उम्मीदवार मैदान में उतारा जाएगा सभी मिलकर उसकी जीत के लिए कार्य करेंगे तभी कांग्रेस की सरकार बन सकेगी।
भाजपा की साजिश नाकाम
उन्होंने कहा कि जो चुनाव हुआ वह 36 बिरादरी के लोगों का चुनाव था, हर बिरादरी और वर्ग का पूरा सहयोग मिला, किसानों ने भी सहयोग दिया, हर किसी ने मन से साथ दिया उन सभी की वे दिल से आभारी है। उन्होंने कहा कि कोई भी हलका कमजोर नहीं रहा हर हलके में जीत मिली, पर आने वाले वक्त में पूरी तरह से सर्तक रहना ये भाजपा है जब बाजी हाथ से निकलती देखती है तो वह जनता को गुमराह करने लगती है। भाजपा की इस चलाकी इस साजिश को नाकाम करना है
















