मौसमदिल्लीबिहार विधानसभा चुनाव 2025CET 2025राजस्थानमनोरंजनराशिफलबिजनेसऑटो मोबाइलरेवाड़ीआध्यात्मिकअन्य

Haryana: महाराजा रज्जू राव की जयन्ती पर हुआ भव्य आयोजन

On: June 22, 2024 10:21 AM
Follow Us:

Haryana : भदावर वंश के कुलदीपक महाराजा रज्जू राव जी की 816 वीं जयंती राजपूत वाटिका गुड़गांव में हर्षोल्लास से मनाई गई । आयोजन संजीव सिंह भदौरिया जिला संयोजक गुड़गांव राजपूत प्रतिनिधि सभा प्रवासी प्रकोष्ठ की टीम के सौजन्य से किया गया।
सभा के सदस्यों ने महाराजा रज्जू राव जी की जयंती पर उनके चित्र पर पुष्प अर्पण ,दीप प्रज्वलन एवं स्वरांजली अर्पित की गई ।

 

जयन्ती अवसर पर राजपूत वाटिका में वृक्षारोपण कर पर्यावरण की शुद्धता का भी सामुहिक संकल्प लिया गया। इस अवसर पर हरियाणा राजपूत प्रतिनिधि सभा के अध्यक्ष राव नरेश चौहान राष्ट्रपूत , प्रवासी प्रकोष्ठ प्रदेश संयोजक कुंवर संजय सिंह बिष्ट, मुख्य अतिथि  डीपी गोयल संस्थापक कैनविन फाउंडेशन गुड़गांव एवं सभा के गणमान व्यक्तियों पूर्व डीआईजी पी एस राघव , ठाकुर संतोष सिंह, आनंद सिंह चौहान, रविंद्र सिंह भदौरिया, अनिल सिंह भदौरिया, ओमवीर सिंह चौहान , नरेंद्र सिंह चौहान , संजीव चौहान,एक्टर राज चौहान एवं अनेक सहयोगियों ने आयोजन में अपने विचार प्रस्तुत किये।

यह भी पढ़ें  Haryana News: किसानों ने कुरुक्षेत्र में Highway किया जाम , तोड़े पुलिस के बैरिकेड्स

RAJPUT SAMAJ 2

भदावर वंश के कुलभूषण महाराजा रज्जू राव जी* जीवन के विषय में विस्तार पूर्वक चर्चा की गई। संजीव सिंह भदौरिया द्वारा महाराजा रज्जू राव जी के जीवन के विषय में सभी को अवगत कराया गया।

जब भदावर वंश के किले पर आक्रमण प्रथम सुल्तान कुतुबुद्दीन ऐबक ने किया था। तब 3 दिन तक घनघोर युद्ध हुआ, राजा शल्यदेव भदौरिया जी वीरगति को प्राप्त हुए। उनकी दो रानियां ने जोहर किया एक रानी जो आठ माह के गर्व से थी वह वंश रक्षा करने के लिए जीवित रही, आचार्य घनश्याम दास एवं भूपत मिर्धा जाट ने किले की सुरंग के रास्ते उनको मायके फतेहपुर सिकरी पिता महाराजा सिकरवार जी के पास ले गए।

यह भी पढ़ें  HBSE Date Sheet 2026: हरियाणा बोर्ड ने 9वीं और 11वीं की वार्षिक परीक्षाओं का शेड्यूल जारी, यहां पढें डेटसीट

एक माह के उपरांत रानी ने पुत्र को जन्म दिया, जिनका नाम रज्जू राव भदौरिया रखा गया। इनका लालन पालन ननिहाल फतेहपुर सीकरी में हुआ। इन्होंने अपने युद्ध कौशल से अपनी सैन्य शक्ति एकत्रित की एवं महाराजा रज्जू राव भदौरिया ने 1246 में हतिकातं पर धावा वोला और हथिया मेवो के सर धड से अलग कर अपना किला कब्जे में ले लिया तब उन्हें भदावर रियासत का राजा घोषित कर दिया गया। अगर उनके द्वारा इस अल्प आयु में यह संघर्ष न किया गया होता । तो भदौरिया वंश का लोप हो जाता ।

यह भी पढ़ें  रेवाडी केएल अल्ट्रासाउंड सेंटर पर रेडः गुरूग्राम की पीएनडीटी टीम टीम ने संचालक को लिया हिरासत में, आईएमए के डॉक्टरों ने विरोध कर जिप्सी से उतरवाया

RAJPUT SAMAJ 1

आयोजन में बाबूदान सिंह तंवर, दिनेश सिंह रावत, जितेंद्र सिंह नेगी, श्रीमती छाया देवी , सुब्रता डाटा, अजंता, कमल सिंह परमार, शिव प्रताप सिंह, ए एस मिश्रा, अशोक सैनी, अनूप चौहान, अभिमन्यु तोमर, धनंजय भदोरिया गजेंद्र बस केपी सिंह प्रदीप सिंह चौहान कुलदीप सिंह आदि सहित बड़ी संख्या में गुड़गांव , रेवाड़ी फरीदाबाद, धारूहेड़ा के प्रवासी समाज के लोगों के द्वारा जयंती प्रोग्राम में भाग लिया एवं पौधारोपण में भागीदारी की।
भदावर समाज की तरफ से सभी का आभार व्यक्त किया गया ।

Sunil Chauhan

मै पिछले दस साल से पत्रकारिता में कार्यरत हूं। जल्दी से जल्दी देश की की ताजा खबरे को आम जनता तक पहुंचाने के साथ समस्याओं को उजाकर करना है।

Join WhatsApp

Join Now

google-newsGoogle News

Follow Now