रेवाडी: सुनील चौहान। पुलिस ने वर्ष 2019 में फर्जी दस्तावेजों से फाइनेंस कंपनी से 12 लाख का लोन पास कराकर धोखाधड़ी करने के मामले में एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। इसकी पहचान राजस्थान के जिला झुंझुनूं के गांव सहड़ निवासी अनिल कुमार उर्फ माडू के रूप में हुई है। इस मामले में पुलिस अभी तक नौ आरोपियों को पकड़ चुकी है।
पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि अप्रैल 2019 को गांव रोलियावास निवासी मनोज कुमार ने शिकायत में बताया था कि वह ब्रास मार्केट स्थित हाउसिग फाइनेंस का काम करने वाली कंपनी में ब्रांच मैनेजर है। अलवर के गांव खेड़ी निवासी पवनजीत ने उनकी कंपनी से 20 लाख रुपए के लोन लेने के लिए आवेदन किया था।
पवनजीत ने अपना आर्मी का पहचान पत्र, आधार कार्ड, बैंक खाता की स्टेटमेंट, फार्म-16 और अन्य केवाईसी के दस्तावेज जमा कराए थे। कंपनी ने पवनजीत को कुल 11 लाख 99 हजार 118 रुपए का लोन पास कर दिया था। 6 अप्रैल पवनजीत अपने एक साथी कुलदीप के साथ कंपनी के ऑफिस में लोन का चेक लेने के लिए आया था।
पवनजीत ने ड्यूटी पर जाने की कहकर चेक के लिए जल्दबाजी करने लगा था। पवनजीत को चेक देकर फोटो काॅपी भी रिसीव करा ली थी। इसी दौरान ही साथ आए लड़के कुलदीप ने पवनजीत को पंकज के नाम से पुकारा, तो कंपनी के अधिकारियों को शक हो गया था और चेक वापस ले लिया था। सूचना के बाद पुलिस भी मौके पर पहुंच गई थी। पूछताछ में पता लगा कि पवनदीप का असली नाम पंकज है और वह अलवर के गांव जखराना का रहने वाला है। उसके द्वारा लोन के लिए कंपनी में दिए गए सभी कागजात फर्जी थे।
सेक्टर-तीन चौकी पुलिस पंकज व कुलदीप के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया था। पवनजीत की जेब से पंकज यादव के नाम का आधार कार्ड भी मिला था। पुलिस इस फर्जीवाड़े में शामिल नौ आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। आरोपियों से पूछताछ में अनिल कुमार का नाम सामने आया था, जिसके बाद पुलिस नेउसे भी गिरफ्तार कर लिया गया।
















