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ऐलनाबाद में त्रिकोणीय मुकाबला: अभय चौटाला की हार या जीत से इस बार बनेगा नया इतिहास, जानिए कैसे

On: October 19, 2021 12:03 PM
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हरियाणा: सुनील चौहान। ऐलनाबाद में अब तक 13 चुनाव व दो उपचुनाव हुए हैं। अभय चौटाला के इस्तीफा देने के बाद अब 16वां उपचुनाव है। पूरे हरियाणा की इस उपचुनाव पर निगाह टीकी हुई है। अब देखना यह होगा कि इस बार
1967 के पहले चुनाव में ऐलनाबाद में 40710 मतदाता थे, जबकि अब 2021 के उपचुनाव में बढ़कर 186103 मतदाता हो गए। इन 54 वर्षों में 1 लाख 45 हजार 393 मतदाता बढ़ गए। 1967 के पहले चुनाव में प्रताप चौटाला विधायक चुने गए। इसके बाद 1970 में उपचुनाव हुआ और ओमप्रकाश चौटाला विधायक चुने गए। इसके बाद 1972, 1977, 1982, 1987, 1991, 1996 2000, 2005, 2009 में सामान्य चुनाव हुए, जबकि 2010 में उपचुनाव हुआ। 2014 और 2019 में भी विधानसभा के चुनाव हुए। 30 अक्टूबर को होने वाले उपचुनाव में 80 प्लस से ज्यादा 3764 बुजुर्ग मत का प्रयोग करेंगे।

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ऐलनाबाद में 10 ऐसे बड़े गांव हैं जो चुनाव का समीकरण बदलते हैं। कुल 15 चुनावों में से11 बार इनेलो को जीत मिली है। 3 बार कांग्रेस ने जीत दर्ज की है, जबकि एक बार विशाल हरियाणा पार्टी को जीत मिली।

अबकि बार त्रिकोणीय मुकाबला होगा:

ऐलनाबाद चुनाव में इस बार त्रिकोणीय मुकाबला होगा। हलके के 10 बड़े ऐसे गांव हैं जो चुनाव में समीकरण बदलते हैं। इन 10 गांवों से ही चुनाव में हार-जीत तय होती है।
ऐलनाबाद हलके के जमाल में 6952 वोट, माधोसिंघाना में 6331, तलवाड़ा खुर्द में 5210, मल्लेकां में 5107, नाथूसरी कलां में 4403, चाहरवाला में 4368, पोहड़का में 4042, भूर्टवाला में 3544, दड़बा में 3519 व ढूकड़ा में 3413 वोटर्स हैं। इस प्रकार सभी राजनीतिक दलों का फोक्स इन बड़े गांव पर ही रहता है ।

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ऐलनाबाद हलका से पांच बार विधायक बनने का रिकाॅर्ड : ऐलनाबाद में इस बार हो रहे उपचुनाव के कई दिलचस्प तथ्य हैं। अभय चौटाला यहां से इससे पहले 2010, 2014 और 2019 का चुनाव जीतकर हैट्रिक लगा चुके हैं। उनसे पहले चौधरी भागीराम 1977, 1982, 1987, 1996 और 2000 में जीत दर्ज की थी।

अभय चौटाला अगर उपचुनाव में जीते तो लगातार चार चुनाव जीतने वाले पहले नेता बन जाएंगे। अभय चौटाला अगर हारते हैं तो वे देवीलाल परिवार के पहले सदस्य होंगे जो ऐलनाबाद से चुनाव हारेंगे। अगर वे उपचुनाव जीते तो दादा और पिता ओमप्रकाश चौटाला की तरह उपचुनाव जीतने में हैट्रिक लगा देंगे।

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इससे पहले चौधरी देवीलाल 1959 में सिरसा, 1974 में रोड़ी और 1985 में महम से विधायक चुने गए। जबकि ओमप्रकाश चौटाला 1974 में रोड़ी से, 1990 में दड़बा से और 1993 में नरवाना से विधायक चुने गए। इसी प्रकार से अभय चौटाला 2000 में रोड़ी और 2010 में ऐलनाबाद से उपचुनाव जीत चुके हैं।

P Chauhan

हमारा मकसद देश की ताजा खबरों को जनता तक पहुंचाना है। मै पिछले 5 साल में पत्रकारिता में कार्यरत हूं। मेरे द्वारा राजनीति, क्राइम व मंनोरजन की खबरे अपडेट की जाती है।

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