NEET: किसान की बेटी ने पास की नीट परीक्षा, सरकारी स्‍कूल में पढ़ने वाली आरती अब करेगी MBBS

On: July 3, 2025 1:52 PM
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Farmer's daughter passed the NEET exam

NEET, MBBS Admission: कहते है की मेहनत करने वालों की कभी भी हार नहीं होती है। इसी का जीता जागता उदाहरण है राजस्‍थान के बूंदी जिले के नैनवा तहसील के छोटे से गांव धनुगांव की आरती बसवाल।

जिसने अपनी कड़ी मेहनत और लगन से NEET UG 2025 की परीक्षा पास की है। सरकारी स्कूल से हिंदी मीडियम में पढ़ाई करने वाली आरती ने न सिर्फ विपरीत परिस्थितियों में यह मुकाम हासिल किया, बल्कि पहले ही प्रयास में 555 अंक लाकर All India Rank 10345 और SC कैटेगरी में 239 रैंक हासिल की।

मिली जानकारी के अनुसार, अब वह राजस्थान के किसी अच्छे मेडिकल कॉलेज में MBBS की पढ़ाई करेगी।

सरकारी स्कूलों में की पढ़ाई

मिली जानकारी के अनुसार, आरती ने कक्षा 1 से 12वीं तक की पढ़ाई सरकारी स्कूलों में की। दसवीं में 94.3% और बारहवीं में 93.80% अंकों के साथ पास की। 11वीं में कोटा आकर उन्होंने कोचिंग संस्थान की मदद से NEET की तैयारी की। गांव में रहने वाली एक दूसरी छात्रा की सफलता ने उन्हें MBBS करने की प्रेरणा दी।

जानकारी के मुताबिक, कोटा में पढ़ाई के दौरान शुरुआती चुनौतियों का सामना करना पड़ा, लेकिन आरती ने हार नहीं मानी। आरती ने एक मीडिया से बातचीत में कहा कि वह हिंदी मीडियम से थी, लेकिन कोचिंग में शिक्षकों ने हर डाउट को साफ किया। उन्‍हें यकीन था कि वह सफल हो जाएंगी।

खेती से होता है गुजारा

मिली जानकारी के अनुसार, आरती के पिता राजेश खटीक खेती और पशुपालन से परिवार का गुजारा करते हैं। उनके पास सिर्फ 8 बीघा जमीन है। पिता ने ग्रेजुएशन तक पढ़ाई की लेकिन नौकरी के बजाय गांव में खेती को चुना। मां कमलेश गृहणी हैं।

आरती का भाई वेटरनरी साइंस की पढ़ाई कर रहा है। NEET में सफलता के बाद आरती ने कहा कि उनके माता-पिता ने हमेशा यही कहा कि मेहनत करो, सफलता जरूर मिलेगी।उनकी सफलता से न सिर्फ परिवार,बल्कि पूरा गांव खुश है।

जानकारी के मुताबिक, अनुप्रीत योजना के तहत निशुल्क कोचिंग का फॉर्म भरने के बावजूद छोटी सी गलती के कारण आरती का फॉर्म रद्द हो गया, लेकिन उनके कोचिंग ने उन्हें मुफ्त में पढ़ाया। कोटा में रहते हुए आरती ने शेयरिंग रूम में रहकर पढ़ाई की। त्योहारों और शादी समारोह से दूरी बनाकर वह पढ़ाई पर फोकस करती रहीं।

मिली जानकारी के अनुसार, कोचिंग के बाद भी वह रोज 4-5 घंटे पढ़ाई करती थीं और हर टॉपिक को रिवाइज करती थीं। आरती ने बताया कि उनके पास मोबाइल था, लेकिन उन्‍होंने उसे सिर्फ जरूरत के लिए इस्तेमाल किया। माता-पिता से रोज बात होती थी,जो मुझे हौसला देते थे।

MBBS करेंगी आरती

जानकारी के मुताबिक, आरती का सपना राजस्थान के सरकारी मेडिकल कॉलेज से MBBS करना है।काउंसलिंग में उन्हें कम फीस पर सीट मिलने की उम्मीद है। उनकी कहानी हर उस छात्र के लिए प्रेरणा है, जो सीमित संसाधनों में भी बड़े सपने देखता है। आरती का कहना है कि उनकी मेहनत और परिवार का साथ उनकी ताकत बने। गांव के लोग उनकी सफलता से खुश हैं और यही उनके लिए सबसे सुखद अनुभव है।

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