Traffic Challan Rules: हरियाणा सरकार ने राजस्व और प्रशासनिक सख्ती को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम उठाया है. अब प्रदेश के सभी सब डिविजनल मजिस्ट्रेट (SDM) और सिटी मजिस्ट्रेट (CTM) को वाहनों के चालान काटने का अधिकार दे दिया गया है. यह अधिकार अब तक केवल आरटीए (रीजनल ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी) के अधिकारियों के पास था.
उप परिवहन आयुक्त ने जारी किया आदेश
उप परिवहन आयुक्त रवीश हुड्डा की ओर से इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी किया गया है. इसके तहत SDM और CTM को ओवरलोड वाहनों के खिलाफ कार्रवाई करने की कानूनी शक्ति प्रदान की गई है. इसके लिए उन्हें डिजिटल प्लेटफॉर्म की एक्सेस देते हुए आधिकारिक ID और पासवर्ड भी जारी कर दिए गए हैं.Traffic Challan Rules
अब डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी मिल गई पूरी पहुंच
नए आदेश के तहत SDM और CTM अब RTA अधिकारियों की तरह ही चालान काट सकेंगे. उन्हें सिस्टम में लॉगिन करने की सुविधा उपलब्ध कराई गई है. जिससे वे अपने अधिकार क्षेत्र में ट्रैफिक उल्लंघन पर त्वरित कार्रवाई कर सकें. Traffic Challan Rules
पहले भी जारी हुआ था आदेश
सरकार द्वारा पहले भी इसी तरह का आदेश जारी किया गया था, लेकिन तकनीकी पहुंच यानी ID और पासवर्ड की कमी के कारण अधिकारी चालान की कार्रवाई नहीं कर पा रहे थे. अब नई व्यवस्था में यह समस्या पूरी तरह दूर कर दी गई है.
ओवरलोडिंग पर लगेगी लगाम
ओवरलोडिंग की समस्या हरियाणा सहित पूरे देश में गंभीर है. इस निर्णय से न केवल ओवरलोडिंग पर सख्ती से नियंत्रण लगेगा बल्कि इससे राजस्व में भी वृद्धि होगी. ओवरलोड वाहन न सिर्फ सड़कों को नुकसान पहुंचाते हैं, बल्कि दुर्घटनाओं की आशंका भी बढ़ाते हैं. अब प्रशासनिक अधिकारियों को सीधे कार्रवाई करने का अधिकार मिलने से स्थानीय स्तर पर निगरानी और दंडात्मक व्यवस्था मजबूत होगी.
हर उपखंड और शहर में बेहतर निगरानी की उम्मीद
नए आदेश के अनुसार अब राज्य के प्रत्येक प्रशासनिक उपखंड और शहरी क्षेत्र में तैनात SDM और CTM सीधे ट्रैफिक नियम उल्लंघन, ओवरलोडिंग, गाड़ी की हालत आदि मामलों में चालान कर सकेंगे. इससे स्थानीय प्रशासन की सक्रियता बढ़ेगी और नागरिकों में कानून के प्रति जागरूकता और भय दोनों का संचार होगा.
ट्रैफिक अनुशासन को मिलेगा बढ़ावा
हरियाणा सरकार का यह कदम यातायात अनुशासन को मजबूत करने की दिशा में भी एक बड़ी पहल माना जा रहा है. इससे पहले केवल परिवहन विभाग के सीमित अधिकारियों के भरोसे कार्रवाई की जाती थी, लेकिन अब प्रशासनिक अधिकारियों की भागीदारी से यह व्यवस्था और सशक्त और विकेंद्रीकृत हो जाएगी.

















