हरियाणा सरकार मिनिमम वेतन बढ़ाने की तैयारी कर रही है, जिससे लगभग 20 लाख कर्मचारियों व मजदूरों को लाभ मिल सकेगा। बता दे कि मिनिमम वेज एडवाइजरी बोर्ड की एक सब-कमेटी हाल ही में गठित की गई है। जिसने फरीदाबाद, गुरुग्राम, रोहतक और पंचकूला समेत विभिन्न इलाकों में उद्योगों, कर्मचारियों और मजदूर प्रतिनिधियों से बैठकें की हैं।
समिति इस महीने अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी, जिसमें न्यूनतम वेतन बढ़ाने की सिफारिश शामिल होगी। रिपोर्ट के आधार पर सरकार सितंबर या विशेष अवसर (जैसे विश्वकर्मा जयंती) पर नई वेतन दरों की घोषणा कर सकती है।
उद्योगपतियों ने खर्च बढ़ने की चिंता जताई है, वहीं मजदूर पक्ष का मानना है कि वेतन वृद्धि से मांग बढ़ेगी और आर्थिक गतिविधियों को बल मिलेगा। बता दे कि पिछले 10 वर्षों में वेतन दरों में कोई उल्लेखनीय बढ़ोतरी नहीं हुई है, जिससे वास्तविक मजदूरी महंगाई के हिसाब से पिछड़ गई
अगर सिफारिश लागू होती है, तो लगभग 20 लाख से अधिक कर्मचारियों और मजदूरों को सीधे प्रभाव पड़ेगा, जिससे उनकी जीवन-शैली में सुधार हो सकता है।
अभी तक हरियाणा मजदूर विभाग की ओर से न्यूनतम वेतन में कोई नई बढ़ोतरी नहीं हुई, लेकिन सरकार अप्रैल 2025 में नियत तौर पर वर्दीवेतन (DA) सहित संशोधन नोटिफाई कर सकती है।
वर्तमान औसत मासिक न्यूनतम वेतन:
- अनस्किल्ड श्रमिक: ₹11,257.12 (दैनिक ₹432.97)
- सेमी-स्किल्ड (Sub‑Category A): ₹11,819.94 (दैनिक ₹454.61)
- सेमी-स्किल्ड (Sub‑Category B): ₹12,410.91 (दैनिक ₹477.34)
- स्किल्ड श्रमिक (Sub‑Category A): ₹13,031 (दैनिक ₹501)
- स्किल्ड श्रमिक (Sub‑Category B): ₹13,683 (दैनिक ₹526)
- हाई-स्किल्ड श्रमिक: ₹14,367 (दैनिक ₹552)

















