हरियाणा सरकार द्वारा लागू किए गए जॉब सिक्योरिटी पोर्टल को लेकर प्रदेश के हजारों अनुबंध कर्मचारियों की परेशानी बना हुआ है। सरकार ने इस पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन की अंतिम तिथि 31 जनवरी तय की है, लेकिन तकनीकी खामियों के कारण करीब 10 हजार कर्मचारी अब तक पंजीकरण नहीं कर पा रहे हैं। OTP
नौकरी सुरक्षा पर खतरा : सबसे बड़ी समस्या यह है कि पोर्टल पर आवेदन के लिए जरूरी ओटीपी कर्मचारियों के मोबाइल नंबर पर प्राप्त नहीं हो रहा, जिससे उनकी नौकरी सुरक्षा पर खतरा मंडराने लगा है।OTP
हरियाणा सरकार ने यह पोर्टल 25 दिसंबर 2025 को अनुबंध कर्मचारियों को नौकरी सुरक्षा देने के उद्देश्य से शुरू किया था, जिसमें हरियाणा कौशल रोजगार निगम, आउटसोर्सिंग पॉलिसी पार्ट-2 और हारट्रोन के अंतर्गत कार्यरत कर्मचारियों को शामिल किया गया है।
नौकरी की गारंटी मिलेगी: कर्मचारियों का कहना है कि जॉब सिक्योरिटी पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन होने के बाद उन्हें 58 वर्ष की आयु तक नौकरी की गारंटी मिलेगी और सरकार की ओर से समय-समय पर मिलने वाले सभी लाभ भी जारी रहेंगे। इसी उम्मीद के साथ कर्मचारियों ने पोर्टल पर आवेदन की प्रक्रिया शुरू की थी।
पोर्टल के नियमों के अनुसार सभी पात्र अनुबंध कर्मचारियों को स्वयं आवेदन करना है। आवेदन प्रक्रिया की शुरुआत मोबाइल नंबर दर्ज करने और ओटीपी सत्यापन से होती है। लेकिन कर्मचारियों का आरोप है कि पोर्टल पर मोबाइल नंबर भरने के बाद भी ओटीपी नहीं आ रहा।
ओटीपी बना समस्या: बता दे आजकल यह समस्या केवल कुछ कर्मचारियों तक सीमित नहीं है, बल्कि करीब 10 हजार ऐसे कर्मचारी हैं जो सिक्योरिटी ऑफ सर्विस एक्ट 2024 के तहत पूरी तरह पात्र हैं और जिनकी सेवा में किसी प्रकार का गैप भी नहीं है।
तकनीकी खामियों दूर करने की मांग: परेशान कर्मचारियों ने सरकार से मांग की है कि पोर्टल की तकनीकी खामियों को तुरंत दूर किया जाए और अंतिम तिथि बढ़ाई जाए, ताकि कोई भी पात्र कर्मचारी केवल तकनीकी कारणों से जॉब सिक्योरिटी के लाभ से वंचित न रह जाए। अब सभी की नजरें सरकार और संबंधित विभागों के अगले कदम पर टिकी हुई हैं।
कर्मचारियों ने इस समस्या को लेकर एचआरडी और एनआईसी को लिखित शिकायतें भी दी हैं। इसके अलावा वित्त विभाग में भी अपने मोबाइल नंबर अपडेट करवा दिए गए हैं, इसके बावजूद ओटीपी की समस्या जस की तस बनी हुई है। कर्मचारियों का कहना है कि यदि अंतिम तिथि तक समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो वे जॉब सिक्योरिटी से वंचित रह जाएंगे, जिसका सीधा असर उनके भविष्य पर पड़ेगा।

















