NHAI : दिल्ली जयपुर हाईवे पर ( National Highway) पर अचानक पशुओं के आने से होने वाले हादसों को लेकर भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ( NHAI ) ने दूरसंचार सेवा प्रदाताओं के साथ मिलकर नई पहल शुरू की है। इस पहल के चलते राजमार्ग इस्तेमाल करने वालों को आवारा पशुओं वाले इलाकों के पास आने पर रियल टाइम सुरक्षा चेतावनी मिलेगी।रियल टाइम सुरक्षा चेतावनी (Real-Time Stray Cattle Safety Alert) के लिए एक पायलट पहल शुरू की है।NHAI
क्या होगा फायदा: National Highway का मकसद है हाइ्वे पर कोई हादसे नहीं हो खासतौर से हाइवे पर अचानक आने वाले पशुओ से जो हादसे हो रहे है उनको रोकने के लिए यह पायलेट प्रोजेक्ट शुरू किया गया है। इस पहल का मकसद राष्ट्रीय राजमार्ग पर, खासकर कोहरे और कम विजिबिलिटी की स्थिति में, जानवरों के अचानक आने से होने वाले हादसों को कम करना है।
लोकेशन-बेस्ड अलर्ट जारी बता दे कि यह पायलट प्रोजेक्ट जयपुर-आगरा और जयपुर-रेवाड़ी राष्ट्रीय राजमार्ग कॉरिडोर (Jaipur–Agra and Jaipur–Rewari NH corridors) पर लागू किया जा रहा है, जिन्हें आवारा जानवरों के आने वाले इलाकों के तौर पर पहचाना गया है। इस पायलट प्रोजेक्ट के तहत, राष्ट्रीय राजमार्ग पर यात्रा करने वालों के लिए लोकेशन-बेस्ड अलर्ट जारी किए जाएंगे, जो चिन्हित तौर पर अधिक जोखिम वाले हिस्सों से लगभग 10 किमी पहले चेतावनी देंगे।
पहले एसएमएस, फिर अलर्ट मिलेगा: राष्ट्रीय राजमार्ग पर यात्रा करने वालों के साथ प्रभावी संचार सुनिश्चित करने के लिए, पायलट प्रोजेक्ट के दौरान सुरक्षा चेतावनी एक फ्लैश एसएमएस के जरिए दी जाएगी। इसके बाद एक वॉयस अलर्ट भी आएगा। फ्लैश एसएमएस अलर्ट (Flash SMS alert) हिन्दी में जारी किया जाएगा। जिसमें लिखा होगा “आगे आवारा पशु ग्रस्त क्षेत्र है। कृपया धीरे और सावधानी से चलें।” इसके बाद एक वॉयस अलर्ट (voice alert) आएगा जिसमें वही सेफ्टी मैसेज दिया जाएगा।

















