हरियाणा:हरियाणा में कॉमन सर्विस सेंटर संचालकों पर सरकार ने सख्ती शुरू कर दी है। अब सीएससी सेंटर के वीएलई यानी ग्राम स्तरीय उद्यमियों के लिए पुलिस क्लीयरेंस सर्टिफिकेट कराना अनिवार्य कर दिया गया है। निर्धारित प्रक्रिया के तहत पुलिस वेरिफिकेशन नहीं कराने पर सीएससी आईडी को बंद किया जा रहा है। इसी क्रम में रेवाड़ी जिले में वेरिफिकेशन पूरा नहीं करने वाले 160 सीएससी सेंटरों की आईडी अस्थायी रूप से बंद कर दी गई है। जबकि हरियाणा में यह कार्रवाई जारी है।
प्रदेश में इस समय करीब चार हजार कॉमन सर्विस सेंटर संचालित हो रहे हैं, जबकि अकेले रेवाड़ी जिले में इनकी संख्या लगभग 250 है। जिला प्रशासन के अनुसार इनमें से 160 सीएससी संचालकों ने अब तक आवश्यक पुलिस क्लीयरेंस और वीएलई वेरिफिकेशन नहीं कराया था, जिसके चलते उनकी आईडी को बंद करने की कार्रवाई की गई है। सरकार पहले ही सीएससी सेंटरों से परिवार पहचान पत्र और सरल केंद्र से जुड़े कई महत्वपूर्ण कार्य वापस लेकर नागरिक संसाधन सूचना विभाग को सौंप चुकी है।
प्रदेश सरकार की योजनाओं का क्रियान्वयन अब सीआरआईडी के माध्यम से किया जा रहा है। इसके तहत गांव स्तर पर सीपीएलओ की तैनाती की गई है, जबकि खंड और जिला स्तर पर भी संबंधित अधिकारी नियुक्त किए गए हैं। व्यवस्था के अनुसार गांव का नागरिक सीधे खंड या जिला स्तर पर नहीं जाएगा, बल्कि पहले सीपीएलओ के माध्यम से ही आवेदन की प्रक्रिया पूरी होगी। सीएससी सेंटर संचालक अब परिवार पहचान पत्र और सरल से जुड़ी योजनाओं के लिए केवल आवेदन कर सकते हैं, जिनकी अंतिम स्वीकृति सीपीएलओ द्वारा ही दी जाएगी।
हरियाणा सरकार के परिवार पहचान प्राधिकरण के स्टेट कोऑर्डिनेटर डॉ. सतीश खोला ने बताया कि अब प्रदेश के नागरिक फैमिली आईडी और सरल से जुड़े अधिकतर कार्य खुद घर बैठे ऑनलाइन कर सकते हैं। इसके लिए meraparivar.haryana.gov.in और saralharyana.nic.in पोर्टल उपलब्ध हैं। नागरिक नई फैमिली आईडी बनवाने, उसमें सुधार कराने, सदस्यों का विवरण अपडेट करने सहित अन्य सेवाओं के लिए सिटिजन आईडी के माध्यम से स्वयं आवेदन कर सकते हैं।
स्टेट प्रोजेक्ट मैनेजर अनमोल चंद और आरीफ ने सभी वीएलई को सख्त निर्देश दिए हैं कि सरकारी योजनाओं के संचालन में तय नियमों का पूरी तरह पालन किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन वीएलई के पास पुलिस क्लीयरेंस सर्टिफिकेट नहीं होगा, उनकी सीएससी आईडी बंद कर दी जाएगी।
रेवाड़ी के सीएससी जिला प्रबंधक जगदीप यादव ने बताया कि कॉमन ब्रांडिंग, रेट चार्ट, पुलिस वेरिफिकेशन, अधिकृत बैनर और जरूरी दस्तावेजों की कमी पाए जाने पर यह कार्रवाई की गई है और आगे भी नियमों का उल्लंघन करने वाले केंद्रों पर सख्त कदम उठाए जाएंगे।

















