धारूहेड़ा: भाजपा सरकार में पारदर्शिता और ईमानदारी की उम्मीदें जगी थीं, लेकिन धारूहेड़ा में करीब 80 करोड़ रुपये की जमीन को लेकर बड़ा घोटाला सामने आया है। वार्ड नंबर 14 स्थित हरिनगर में गुरुग्राम कोऑपरेटिव सोसायटी की ओर से अलॉट की गई 9 एकड़ जमीन, गिरदावरी होने और केस कोर्ट में लंबित होने के बावजूद डीलरों को बेच दी गई।Land Scam in Rewar
बता देकि वार्ड 14 के हरीनगर में गुरूग्राम सोसायटी की ओर से अलॉट हुई 9 एकड जमीन की गिरदावरी के बावजूद डीलर को बेच दिया है। शुक्रवार को शाम को जब रजिस्ट्री करवाने की सूचना मिली तो पीडित परिवार के लोग उपतहसील पहुंचे तथा विरोध जताया। गिरदावरी के बावजूद रजिस्ट्री करने वालो पर कार्रवाई की मांग को लेकर शनिवार पीडित परिवार के लोग उपायुक्त से मिले तथा ज्ञापन सोंपा।Land Scam in Rewar

ज्ञापन के माध्यम से लालसिंह ने बताया कि 1957 में गुरूग्राम काआ्प्रेटिव सोसायटी की ओर से को 9 एकड जमीन उसके दादा बुधराम व लेखराम को दी। लेकिन लेखराम से जमीन बंजर होने के चलते इसे छोड दिया। उसके बाद 1966 में जमीन उसके दादा बुधराम के बाद उसके पिता देवकरण हो गई।Land Scam in Rewar
फिलहाल इस जमीन की गिरदावरी लालसिंह के नाम है तथा वह इस जमीन पर खेती कर रहा है। लालसिंह का आरोप है इस जमीन को अपने हिस्सेदारों की ओर होईकोर्ट में केस चल रहा है। लालसिंह का आरोप है गिरदारवरी होने व कोर्ट में केस होने के बावजूद नायब तहसीलदार ने डीलरों से मिलकर जमीन की रजिस्ट्री कर दी गई जबकि यह कानूनन गल्त है।Land Scam in Rewar
देर शाम हुई रजिस्ट्री: दादा बडा न भैया, सबसे बडा रूपया। यही हाल धारूहेडा मे पैसे के आगे सारे नियम बदल जाते है। उपतहसील से रोजाना 10 से 12 फर्जी यानि अवैध कालोनियों की रजिस्ट्री हो रही है। ऐसा नहीं है इसके बार में जिला प्रशासन को पता नही हैंं। मालूम है लेकिन भला पैसे किसे खराब लगते है। चपराशी से लेकर उच्चपदो तक अधिकारी चांदी कूट रहे है।
शनिवार को लालसिंह का परिवार उपायुक्त के पास पहुंचा तथा कोर्ट के आदेश के इंतजार तक रजिस्ट्री रद्द करवाने की मांग की है।

















