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Haryana: प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के सामने रेवाड़ी प्रशासन ने टेके घुटने: कॉमरेड राजेन्द्र Advocate

On: April 16, 2024 10:41 AM
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Haryana : स्कूलों की बसों को ठीक करवाने के लिए प्रशासन द्वारा मौखिक रूप कथित एक माह की छूट को प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन ने संघर्ष की जीत बताए जाने की कॉमरेड राजेन्द्र सिंह एडवोकेट ने कड़े शब्दों में निंदा की है और स्कूल एसोसिएशन के इस बयान को स्कूली बच्चों एवम शिक्षा विरोधी करार दिया है।

कॉमरेड सिंह ने कहा कि प्रशासन ने अपने फायदे के लिए बच्चो की सुरक्षा दाव पर लगाई हुई है। आम आदमी अगर हेलमेट नही पहतना तो आनलाईन लाईन चालान भेज देते है। इतना बडा हादसा होने के चलते एक माह की छूट देने से साफ जाहिर है कि प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के सामने प्रशास ने घुटने टेक दिए है।

अलबता मोटर व्हीकल एक्ट की अवेहलना करने वाले और प्राइवेट स्कूलों से संबंधित बसों में बच्चो से संबंधित सुरक्षा नीति में लापरवाही बरतने वालों के लिए कानूनन कही छूट का प्रावधान नहीं है और अगर कथित छूट दी भी गई है तो क्या वह संघर्ष की जीत है ?

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कोई वैधानिक या न्यायिक अथॉरिटी किसी नागरिक , संस्था को उसकी आपराधिक लापरवाही में सुधार करने का एक निश्चित समय दे तो क्या उसे संघर्ष की जीत कहा जायेगा? प्राइवेट स्कूल एसोसिशन का कार्य प्राइवेट स्कूलों में आने वाले स्कूली बच्चों की शिक्षा और सुरक्षा का भी ध्यान रखना जरूरी है ना कि केवल अपने आर्थिक लाभ और नुकसान को ही देखना।

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कॉमरेड राजेन्द्र सिंह एडवोकेट ने कहा कि प्राइवेट एसोसिशन ने जो संघर्ष से जीत हासिल की है, यह संघर्ष किसके खिलाफ था , क्या यह संघर्ष उन स्कूली बच्चो के खिलाफ था जो अपने 6 सह पाठियो की जान लेने वाली स्कूल मैनेजमेंट के खिलाफ अन्य अपने सहपाठियों की जान की सुरक्षा मांग रहे है और स्कूली बच्चों की सुरक्षा किस कदर दाव पर है यह और साबित हो गया कि अकेले रेवाड़ी जिला में 550 बसे ,जिसका हवाला आर टी ए ने दिया है,कानून की धज्जियां सरेआम सड़को पर उड़ा रही है।

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प्रशासन एवम प्रदेश की शिक्षा मंत्री से भी सवाल है कि एक माह की छूट का मतलब यह है कि सड़को पर दौड़ती प्राइवेट स्कूलों की बसों पर कोई मोटर व्हीकल एक्ट के प्रावधान लागू नहीं होंगे और ना ही सरकार की बच्चो की सुरक्षा से संबंधित नीति लागू रहेगी ।

कॉमरेड सिंह ने कहा कि प्राइवेट एसोसिशन का फर्ज बनता था कि वह आगे आकर कहती कि प्राइवेट स्कूलों के संचालन में जो स्कूल गड़बड़ कर रहे है , उनके खिलाफ कार्रवाई हो परंतु जिला में 550 बसे सही मापदंड पर नहीं होना इस बात को साबित करता है कि प्राइवेट स्कूलों का मकसद मुनाफा है ।

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मुनाफा के आगे गायब होती स्वदेनहीनता समाज के लिए चिंता का विषय बन गई है। प्राइवेट स्कूल एसोसिशन की यही संघर्ष की जीत है तो ऐसी जीत मुर्दाबाद। कॉमरेड राजेन्द्र सिंह एडवोकेट ने कहा कि इस प्राइवेट स्कूल एसोसिशन की जीत बच्चो की सुरक्षा के दाव पर है । सुरक्षित जीवन जीना मौलिक अधिकार है , इसलिए इस मामले को मानव एवम बाल अधिकार आयोग के संज्ञान में भी लाया गया है।

Sunil Chauhan

मै पिछले दस साल से पत्रकारिता में कार्यरत हूं। जल्दी से जल्दी देश की की ताजा खबरे को आम जनता तक पहुंचाने के साथ समस्याओं को उजाकर करना है।

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