हरियाणा के फरीदाबाद में इंडियन सोसाइटी ऑफ ब्लड ट्रांसफ्यूजन एंड इम्यूनो हेमेटोलॉजी के 50वें राष्ट्रीय सम्मेलन स्वर्ण जयंती ट्रांसकॉन 2025 की शुरुआत मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि राज्य सरकार डॉक्टरों की कमी को दूर करने के लिए लगातार काम कर रही है।Haryana News
उन्होंने बताया कि 2014 से पहले जहां एमबीबीएस की केवल 700 सीटें थीं, वहीं आज यह बढ़कर 2600 हो चुकी हैं। सरकार का लक्ष्य है कि 2029 तक यह संख्या 3400 तक पहुंच जाए, जिससे हरियाणा मेडिकल एजुकेशन और हेल्थकेयर का बड़ा केंद्र बनेगा और मरीजों को आधुनिक सुविधाएं आसानी से उपलब्ध होंगी।Haryana News
2.22 लाख यूनिट से अधिक ब्लड एकत्र: मुख्यमंत्री ने बताया कि रक्तदान के मामले में हरियाणा देशभर में अग्रणी राज्यों में शामिल है। फिलहाल प्रदेश में 149 ब्लड सेंटर संचालित हो रहे हैं और इस वर्ष 3.30 लाख यूनिट रक्त जुटाने का लक्ष्य रखा गया है। इसमें से अब तक 2.22 लाख यूनिट से अधिक ब्लड एकत्र किया जा चुका है।
उन्होंने कहा कि हरियाणा अब केवल सैनिकों और किसानों की धरती ही नहीं, बल्कि स्वैच्छिक रक्तदान में भी अपनी पहचान बना रहा है। मुख्यमंत्री ने यह भी सुझाव दिया कि रक्तदान और ब्लड ट्रांसफ्यूजन सेवाओं को और पारदर्शी बनाने के लिए मोबाइल ऐप और वेब पोर्टल विकसित किए जाने चाहिए। साथ ही, भविष्य में एआई आधारित ब्लड मैचिंग और आर्टिफिशियल ब्लड रिसर्च पर भी ध्यान दिया जाएगा।
18 करोड़ से अधिक पौधे लगाए : पर्यावरण संरक्षण का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि हरियाणा में अब तक 18 करोड़ से अधिक पौधे लगाए जा चुके हैं। सहकारिता मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने इस मौके पर कहा कि प्रदेश सरकार ने सभी सरकारी अस्पतालों में किडनी और लिवर मरीजों के लिए डायलिसिस सुविधा पूरी तरह मुफ्त कर दी है।
ये रहे मौजूद: इस मौके पर मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य सेवाओं में उत्कृष्ट योगदान देने वाले डॉक्टरों और विशेषज्ञों को सम्मानित किया। मंच पर पटौदी की विधायक बिमला चौधरी, सोहना के विधायक तेजपाल तंवर और गुरुग्राम के विधायक मुकेश शर्मा सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

















