Haryana News: गुरुग्राम में मेट्रो एक्सटेंशन प्रोजेक्ट को लेकर अब एक नया पेंच फंस गया है। कैबिनेट मंत्री राव नरबीर सिंह ने सेक्टर-9 से साइबर सिटी तक की मेट्रो लाइन को अंडरग्राउंड बनाने का सुझाव दिया है। इस प्रस्ताव के बाद पूरे प्रोजेक्ट को फिलहाल रोक दिया गया है। गुरुग्राम मेट्रो रेल लिमिटेड (GMRL) की तकनीकी रिपोर्ट के मुताबिक, इस बदलाव से प्रोजेक्ट में तीन साल तक की देरी हो सकती है और लागत 350 करोड़ रुपये प्रति किलोमीटर से बढ़कर 600 से 650 करोड़ रुपये तक पहुंच जाएगी।
मंत्री राव नरबीर सिंह का कहना है कि सेक्टर-9 से साइबर सिटी तक का इलाका घनी आबादी वाला है और वहां सड़कें संकरी हैं। ऐसे में एलिवेटेड मेट्रो लाइन बनाना मुश्किल हो सकता है। उन्होंने कहा कि अंडरग्राउंड लाइन बनने से भविष्य में फ्लाईओवर या दूसरी सुविधाएं बनाने में कोई दिक्कत नहीं आएगी। साथ ही एलिवेटेड ट्रैक के लिए पेड़ काटने की जरूरत नहीं पड़ेगी, जिससे पर्यावरण भी सुरक्षित रहेगा।
प्रोजेक्ट की स्थिति और भविष्य
केंद्र सरकार ने जून 2023 में 28.5 किलोमीटर लंबे इस मेट्रो प्रोजेक्ट को मंजूरी दी थी। पहले चरण में 27 एलिवेटेड स्टेशन बनाए जा रहे हैं और काम दिलीप बिल्डकॉन व रंजीत बिल्डकॉन लिमिटेड कर रही हैं। दूसरे चरण में सेक्टर-9 से साइबर सिटी तक 14 स्टेशन बनाए जाएंगे। नई डीपीआर शहरी विकास मंत्रालय को भेजी जा चुकी है।
इस पूरे प्रोजेक्ट में ‘मेक इन इंडिया’ पहल पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। निर्माण में भारतीय तकनीक, उपकरण और संसाधनों का ही उपयोग किया जाएगा। यह मेट्रो लाइन स्वतंत्र रूप से चलेगी और रैपिड मेट्रो से जुड़ी नहीं होगी। अब सरकार को यह तय करना है कि अंडरग्राउंड प्रस्ताव के कारण बढ़ी लागत को कैसे संभाला जाए।
















