Haryana News: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने श्रमिक वर्ग के लिए कई अहम घोषणाएं की हैं। उन्होंने बताया कि अब औद्योगिक और संगठित क्षेत्र के श्रमिकों को पहले से ज्यादा योजनाओं का लाभ मिलेगा। इसके लिए सरकार ने वेतन सीमा को 18 हजार रुपये से बढ़ाकर 20 हजार रुपये कर दिया है। इससे अब ज्यादा श्रमिक साइकिल, सिलाई मशीन और एलटीसी जैसी सुविधाओं का फायदा उठा सकेंगे।
मुआवजा नीति में बड़ा बदलाव
मुख्यमंत्री ने बताया कि निर्माण कार्यों में होने वाली दुर्घटनाओं के मामलों में श्रमिकों को अब पहले से तेजी से मुआवजा मिलेगा। इसके लिए सरकार ने एक नई और श्रमिक हितैषी मुआवजा नीति लागू की है। इस नीति के तहत अगर 10 लाख रुपये से कम लागत वाले निर्माण कार्यों में कोई हादसा होता है और मुआवजे में कोई कमी रह जाती है तो वह रकम अब सीधे हरियाणा भवन एवं अन्य सन्निर्माण श्रमिक कल्याण कोष से दी जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हर श्रमिक का सपना होता है कि उसका खुद का घर हो। इस सपने को पूरा करने के लिए सरकार ने ‘प्रत्यक्ष वित्तीय सहायता योजना’ शुरू की है। इस योजना के तहत जो श्रमिक मुख्यमंत्री आवास योजना के पात्र हैं उन्हें 2 लाख 50 हजार रुपये तक की सीधी वित्तीय सहायता दी जाएगी ताकि वे अपने घर का निर्माण कर सकें।
श्रमिकों की सामाजिक सुरक्षा पर फोकस
सरकार ने स्पष्ट किया है कि उसका लक्ष्य राज्य के हर श्रमिक को सामाजिक सुरक्षा और आर्थिक स्थिरता प्रदान करना है। श्रमिकों की सेहत, उनके बच्चों की शिक्षा और भविष्य की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कई योजनाएं पहले से ही चलाई जा रही हैं जिन्हें अब और मजबूत किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा के औद्योगिक विकास में श्रमिकों की अहम भूमिका है। इसलिए सरकार चाहती है कि जब उद्योग बढ़ें तो श्रमिकों का जीवन स्तर भी बेहतर हो। इसी सोच के तहत नई योजनाओं को लागू किया जा रहा है ताकि विकास और श्रमिक कल्याण दोनों साथ-साथ चल सकें।

















