गुरुग्राम: आईटी हब और मॉडर्न लाइफस्टाइल के लिए मशहूर गुरुग्राम अब प्राकृतिक पर्यटन को भी बढ़ावा देने जा रहा है। अरावली की तलहटी में बसे कासन गांव में नगर निगम एक भव्य झील परियोजना पर काम कर रहा है, जिसका उद्देश्य पर्यटकों को आकर्षित करना और परिवारों को हरियाली व प्राकृतिक वातावरण में समय बिताने का अवसर देना है।Haryana News
निगम की ओर से यह झील 14 एकड़ भूमि पर विकसित की जा रही है। पहले चरण में करीब 5 करोड़ 90 लाख रुपये खर्च किए गए हैं, जिसमें एसबीआई कार्ड का सहयोग लिया गया है। अब तक के काम में झील के 10 एकड़ क्षेत्र में साफ जल भरा जा चुका है।Haryana News
जबकि शेष 4 एकड़ भूमि पर पैदल यात्रा ट्रैक और पार्क विकसित किया जा रहा है। साथ ही, पर्यटकों के लिए शौचालय, पीने के पानी और ऊर्जा आपूर्ति के लिए सोलर प्लांट जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं।
नगर निगम आयुक्त आयुष सिंह ने बताया कि जल्द ही दूसरे चरण का काम शुरू होगा। इसमें लगभग 6 करोड़ रुपये की लागत से रेस्टोरेंट, मडहाउस और नौका विहार की सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
इसके अलावा झील से सटे 25 एकड़ क्षेत्र में बायोडायवर्सिटी पार्क बनाने की भी योजना है, जिससे प्रकृति प्रेमियों को एक नया अनुभव मिलेगा। झील परिसर में 15 तरह के फलदार और फूलदार पौधे लगाए गए हैं तथा पानी की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए जल शोधन यूनिट भी स्थापित की जाएगी।
दिल्ली से नजदीकी और एनएच-48 व केएमपी एक्सप्रेसवे से बेहतर कनेक्टिविटी होने के कारण यहां पर्यटकों की संख्या में तेजी से इजाफा होने की संभावना है। यह झील न केवल गुरुग्राम को पर्यटन नक्शे पर नई पहचान देगी बल्कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी अहम भूमिका निभाएगी।

















