Haryana: हरियाणा के रेवाड़ी जिले में भाकियू चढूनी गुट द्वारा ओलावृष्टि के मुआवजे को लेकर खुली चेतावनी दी गई है। जिला प्रधान समय सिंह ने स्पष्ट किया है कि यदि 5 दिनों में गिरदावरी और 15 दिनों में मुआवजा किसानों के खातों में नहीं आता, तो वे डीसी ऑफिस के बाहर टेंट लगाकर विरोध प्रदर्शन करेंगे।
उन्होंने यह भी कहा कि पिछले अनुभवों के आधार पर पटवारी और तहसीलदार की कार्यशैली पर भरोसा नहीं किया जा सकता, लेकिन इस बार भाकियू के पदाधिकारी किसानों के साथ रहेंगे और सही मुआवजे का आकलन सुनिश्चित करेंगे।
किसान भवन में आयोजित बैठक में समय सिंह ने कहा कि ओलावृष्टि के बाद राजनीतिक नेता केवल फोटो खिंचवाने आते हैं, जबकि अहीरवाल के किसानों की समस्याओं को कोई गंभीरता से नहीं लेता। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि यहां सरसों की औसत खरीदंग 8 क्विंटल प्रति एकड़ होती है, जबकि अन्य क्षेत्रों में यह मात्रा 10 क्विंटल है।
मुआवजे की मांग: किसानों ने मांग की है कि 100 प्रतिशत नुकसान होने पर उन्हें 60 हजार रुपए प्रति एकड़ और 70 प्रतिशत नुकसान पर 40 हजार रुपए प्रति एकड़ मुआवजा मिलना चाहिए, क्योंकि उनकी फसल तैयार थी और उन्होंने सभी लागतें वहन कर ली थीं।
खाद-बीज रिसर्च सेंटर खोलने की मांग: प्रधान समय सिंह ने व्यवस्था पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि अहीरवाल के किसानों के साथ लगातार अन्याय होता आ रहा है और यहां तक कि उनके लिए कोई भी खाद-बीज रिसर्च केंद्र भी नहीं खोला गया। उनका कहना है कि क्षेत्र के किसान हर बार राजनेताओं से निराश होते हैं, जो उनकी समस्याओं का समाधान करने में असफल रहते हैं।

















