नियम 134-ए में भी स्कूल ने वसूली फीस, बकाया बताकर छात्र को स्कूल से निकाला

On: March 6, 2026 7:48 PM
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COURT REWARI

कोर्ट ने दिए शिक्षा-परीक्षा न रोकने के आदेश – न्यायालय के हस्तक्षेप से रेवाड़ी के बच्चों को मिला न्याय

जिला न्यायालय रेवाड़ी के हस्तक्षेप और सामाजिक कार्यकर्ता एडवोकेट कैलाश चंद की निशुल्क कानूनी सहायता से दो अलग-अलग मामलों में स्कूली बच्चों को न्याय मिला है। पहला मामला किशनगढ़ क्षेत्र के एक स्कूल से है, जहां गांव घासेड़ा निवासी प्रवीन कुमार के दो बच्चे मयंक और दिनांक्षु नियम 134-ए के तहत पढ़ रहे थे। आरोप है कि, स्कूल ने वर्ष 2023 से 2025 के बीच करीब 30,000 रुपये की अवैध वसूली की और अतिरिक्त फीस न देने पर बच्चों को स्कूल से निकाल दिया। शिक्षा विभाग द्वारा कोई ठोस कार्यवाही न होने पर मामला आदित्य सैनी की अदालत में पहुंचा।

मयंक को मिला न्याय’ एडवोकेट कैलाश चंद ने सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का हवाला देकर जिरह की, जिसके बाद न्यायालय ने स्कूल को बच्चों की शिक्षा ना रोकनेऔर परीक्षा न रोकने के कड़े आदेश दिए। केस की प्रक्रिया चलती रही जिसके बाद मयंक ने वर्ष 2025 में कक्षा बारहवीं पास कर ली ओर स्कूल से कॉलेज दाखिले के लिए बोर्ड अंकतालिका, माइग्रेशन सर्टिफिकेट, चरित्र प्रमाण पत्र की मांग की तो स्कूल ने दस्तावेज देने को मना कर दिया जिसके बाद छात्र मयंक ने कॉलेज में उच्च शिक्षा के लिए अस्थाई दाखिला लेकर शिक्षा ग्रहण करना प्रारंभ कर दिया

अदालत ने सुनाया ये फैसला’ बता दे कि कॉलेज ने छात्र से दस्तावेज लाने का दबाव बनाया तो छात्र ने कैलाश चंद एडवोकेट को समस्या बताई तो कैलाश चंद एडवोकेट ने कोर्ट में स्पेशल एप्लीकेशन सुनवाई हेतु लगाकर छात्र के दस्तावेज दिलवाने की गुहार लगाई । जिसके बाद केस की सुनवाई अनिल कुमार सिविल जज की अदालत में शुरू हुई, अदालत को कैलाश चंद अधिवक्ता ने अपनी जिरह में बताया कि किसी बच्चे के दस्तावजे के दस्तावेज रोकना हर तरीके से प्रकार से कानूनी प्रकिया ओर मानवता के खिलाफ है कोर्ट ने कैलाश चंद एडवोकेट की को सुना और बच्चे के हक में फैसला दिया कि 2 दिन के अंदर स्कूल बच्चे के छात्र सुपुर्द करे

 

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न्यायालय से मिला न्याय’ कैलाश चंद एडवोकेट ने अदालत के फैसले की कॉपी जिला शिक्षा अधिकारी ओर स्कूल को भेजकर दस्तावेज देने के लिए ईमेल की आदेश की कॉपी लेकर छात्र मयंक के पिता ने अधिवक्ता कैलाश चंद ओर जिला न्यायालय का आभार व्यक्त किया। बता दे कैलाश चंद पहले भी कई ऐसे बच्चो को न्याय दिला चुके है। वे निशुल्क पैरवी करके गरीब व जरूरत मंद को न्याय दिलाने में लगे हुए है।

Sunil Chauhan

मै पिछले दस साल से पत्रकारिता में कार्यरत हूं। जल्दी से जल्दी देश की की ताजा खबरे को आम जनता तक पहुंचाने के साथ समस्याओं को उजाकर करना है।

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