- प्रभावित रूट: नारनौल, महेंद्रगढ़, कोसली, पटौदी, सोहना, खंडोड़ा, टांकड़ी, राजगढ़, कोटकासिम और धारूहेड़ा।
- कम बसें, बढ़ी मुश्किलें: 154 बसों में से मरम्मत व पासिंग अटके होने से सिर्फ 137 बसें ही चल रही हैं।
Haryana Roadways: रेवाड़ी डिपो में रोडवेज के 157 रूटों के लिए परमिट जारी हैं, जिनमें 96 अंतरराज्यीय, 59 राज्य स्तरीय और दो सिटी सर्विस रूट शामिल हैं, लेकिन संचालन मुश्किल से 120 रूटों पर ही हो पा रहा है। शेष रूट कागजों में ही सीमित हैं, जिसके चलते यात्रियों को तीन-चार घंटे तक बस का इंतजार करना पड़ता है। कई ग्रामीण और अंतरराज्यीय रूटों पर सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हैं।
सबसे ज्यादा परेशानी नारनौल, महेंद्रगढ़, कोसली, पटौदी, सोहना, खंडोड़ा, टांकड़ी, राजगढ़, कोटकासिम और धारूहेड़ा रूट के यात्रियों को हो रही है। यहां आए दिन फेरों में कटौती होती है, जबकि इनकी जगह नए रूट शुरू किए जा रहे हैं। कई रूट ऐसे भी हैं जहां बसें शुरू तो की गईं, लेकिन कुछ दिनों बाद ही बंद कर दी गईं और दोबारा संचालन नहीं हुआ।
डिपो में फिलहाल 154 बसें हैं, जिनमें चार-पांच बसें रोजाना मरम्मत में रहती हैं और 13 नई बसें पासिंग के इंतजार में खड़ी हैं। ऐसे में सिर्फ 137 बसों के सहारे ही सेवाएं दी जा रही हैं।
रोडवेज महाप्रबंधक निरंजन कुमार ने कहा कि संबंधित इंचार्ज से रिपोर्ट ली जाएगी और जरूरत वाले रूटों पर जल्द बसें चलाई जाएंगी। नई बसों की पासिंग होते ही उन्हें भी सेवा में उतारा जाएगा। जहां ज्यादा जरूरत हैं, वहां पर परमिट अनुसार बसें संचालित करने का प्रयास किया जाएगा।

















