Haryana news : हरियाणा में कच्चे कर्मचारियों के लिए खुशखबरी, कोर्ट ने सुनाया ये बड़ा फैसला

On: September 12, 2025 12:31 PM
Follow Us:

Haryana news : हरियाणा में  कच्चे कर्मचारियों के लिए अच्छी खबर आई है। पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा के बिजली निगमों में लंबे समय से कार्यरत कच्चे कर्मचारियों को लेकर एक ऐतिहासिक फैसला सुनाया है।

जानकारी के मुताबिक, कोर्ट ने राज्य सरकार को आदेश दिया है कि इन कर्मचारियों को छह हफ्तों के भीतर नियमित किया जाए, अन्यथा अवमानना की कार्यवाही की जाएगी। यह भी कहा गया कि कुछ कर्मचारी 1995 से काम कर रहे हैं और पहले के कई अनुकूल फैसलों के बावजूद उन्हें 30 वर्षों में 9 बार अदालत का रुख करना पड़ा, जो कि उनके शोषण का प्रतीक है।Haryana news

जस्टिस हरप्रीत सिंह बराड़ ने स्पष्ट किया कि यदि छह सप्ताह में कोई आदेश पारित नहीं होता, तो याचिकाकर्ताओं को उनके सहकर्मी वीर बहादुर की तरह सभी लाभ, वरिष्ठता और बकाया राशि के साथ नियमित माना जाएगा। कोर्ट ने कहा कि राज्य एक संवैधानिक नियोक्ता है और वह स्वीकृत पदों की कमी या कर्मचारियों की शैक्षिक योग्यता की आड़ लेकर उन्हें अस्थायी बनाए नहीं रख सकता, जबकि वे लगातार सेवाएं दे रहे हैं।

मिली जानकारी के अनुसार,याचिकाकर्ताओं ने बताया कि 1995 से वे तदर्थ और अस्थायी आधार पर कार्यरत हैं और 2005 के आदेश तथा 2025 में पुनर्विचार निर्देशों के बावजूद मई 2025 में पदों की अनुपलब्धता के बहाने से उनका दावा फिर खारिज कर दिया गया। इस पर कोर्ट ने सरकार के इस तर्क को अस्थायी और अस्वीकार्य बताया, साथ ही सुप्रीम कोर्ट के उन फैसलों का हवाला दिया जिनमें स्पष्ट किया गया है कि प्रशासनिक कारणों से नियमितीकरण से इनकार नहीं किया जा सकता।Haryana news

फैसले में हाईकोर्ट ने राज्य सरकार की उस प्रवृत्ति की आलोचना की जिसमें नीतियां केवल अदालत के आदेशों से बचने के लिए बनाई जाती हैं। जस्टिस बराड़ ने कहा कि वर्षों तक कर्मचारियों को अस्थायी रखकर नियमित कार्य कराना न केवल असंवैधानिक है, बल्कि यह समानता और गरिमा के अधिकार का उल्लंघन भी है। राज्य केवल एक बाजार भागीदार नहीं, बल्कि एक संवैधानिक नियोक्ता है और वह सार्वजनिक कार्यों में लगे लोगों की कीमत पर बजट संतुलन नहीं बना सकता।

Sunil Chauhan

सुनील चौहान हरियाणा के रेवाड़ी और धारूहेड़ा क्षेत्र की खबरों को कवर करते हैं। उन्हें पत्रकारिता में 10 साल का अनुभव है और वे सामाजिक, प्रशासनिक और स्थानीय मुद्दों पर रिपोर्टिंग करते हैं।

Join WhatsApp

Join Now

google-newsGoogle News

Follow Now