Haryana News: कैथल जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक उस वक्त तकरार में बदल गई जब एक आर्थिक अपराध से जुड़ी शिकायत पर हरियाणा के गृह मंत्री अनिल विज और इकोनॉमिक सेल के इंचार्ज इंस्पेक्टर ओमप्रकाश के बीच तीखी बहस हो गई। शिकायत सीवन गेट के मनजीत सिंह की थी, जिसमें उसने आरोप लगाया कि उसकी बेटी को विदेश भेजने में धोखाधड़ी हुई है। मंत्री विज ने निर्देश दिए कि शिकायत के आधार पर चंडीगढ़ के बजाय कैथल में ही एफआईआर दर्ज की जाए। हालांकि, यह मामला चंडीगढ़ का था।
मंत्री और अधिकारी के बीच बहस
जांच के मुद्दे पर मतभेद के चलते बैठक में तनाव पैदा हो गया। मंत्री ने जांच अधिकारी इंस्पेक्टर ओमप्रकाश को निलंबित करने के आदेश दे दिए। बाद में एसपी उपासना ने बताया कि ओमप्रकाश का कार्यकाल अच्छा रहा है। इसके बाद मंत्री ने निलंबन आदेश वापस लेकर एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दोहराए।
शिकायतकर्ता की अनुपस्थिति ने बढ़ाई समस्या
शिकायतकर्ता मनजीत सिंह पहले ही इस बात पर सहमत था कि मामला चंडीगढ़ में सुलझाया जाए। उसने कैथल इकोनॉमिक सेल में अपना बयान भी दे दिया था। लेकिन कम्युनिकेशन की कमी के कारण यह बात मंत्री तक नहीं पहुंच पाई। शिकायतकर्ता की बैठक में गैरहाजिरी ने स्थिति को और जटिल बना दिया।
मंत्री और इंस्पेक्टर के बीच तीखी वार्तालाप
बैठक में इंस्पेक्टर ओमप्रकाश ने मंत्री से कहा कि वे सही हैं और न्याय नहीं हो रहा। मंत्री ने जवाब दिया कि वे न्याय कर रहे हैं। इस दौरान दोनों के बीच बातचीत में कड़वाहट नजर आई। एसपी उपासना ने बीच में आकर बताया कि ओमप्रकाश एफआईआर दर्ज करने को तैयार हैं, लेकिन मंत्री ने नाराजगी जताई कि एक महीने से कार्रवाई क्यों नहीं हुई।
पिछली बैठक में भी इसी शिकायत पर चर्चा हो चुकी थी। इस बार भी शिकायतकर्ता मौजूद नहीं था। इसलिए मामला फिलहाल लंबित रखा गया है। स्थिति अभी भी तनावपूर्ण बनी हुई है।

















