Haryana News: हरियाणा की टेक्सटाइल नगरी पानीपत से किसानों के लिए एक शानदार खबर आई है। अब जिले की सहकारी समिति शुगर मिल में 90 किलो लीटर प्रतिदिन क्षमता वाला एथेनॉल प्लांट लगाया जाएगा। यह कदम न सिर्फ किसानों की आमदनी बढ़ाएगा बल्कि क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर भी खोलेगा। इस परियोजना की घोषणा जिला उपायुक्त डॉ. वीरेन्द्र कुमार दहिया ने की। उन्होंने बताया कि यह प्लांट केंद्र सरकार के सहयोग से स्थापित किया जाएगा।
डॉ. दहिया ने बताया कि पानीपत शुगर मिल की प्रगति और उसकी दक्षता को देखते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने करनाल में इस एथेनॉल प्लांट की घोषणा की थी। यह मिल राज्य की सबसे उन्नत सहकारी शुगर मिलों में गिनी जाती है। पिछले पिराई सत्र 2024-2025 के दौरान मिल ने 136 दिन तक लगातार काम किया और 62.12 लाख क्विंटल गन्ने की पिराई की। इससे 5.65 लाख क्विंटल चीनी का उत्पादन हुआ जो मिल की बढ़ती क्षमता और आधुनिक प्रबंधन का प्रमाण है।
शुगर मिल ने पिछले सत्र में 3.24 लाख क्विंटल शीरा और 670.3 यूनिट बिजली का भी उत्पादन किया था। किसानों को अगेती किस्म के गन्ने के लिए 400 रुपए प्रति क्विंटल और पछेती किस्म के लिए 393 रुपए प्रति क्विंटल का भुगतान किया गया था। उम्मीद है कि इस बार हरियाणा सरकार किसानों को बढ़े हुए रेट का तोहफा दे सकती है। इससे किसानों को आर्थिक मजबूती मिलेगी और गन्ने की खेती को बढ़ावा मिलेगा।
किसानो के लिए सुविधाएं और स्वच्छता
शुगर मिल के एमडी डॉ. संदीप कुमार ने बताया कि मिल परिसर में साफ-सफाई और प्रबंधन की व्यवस्था उच्च स्तर की है। 1957 में स्थापित यह मिल आज 1250 टीसीडी से बढ़कर 5000 टीसीडी की क्षमता तक पहुंच चुकी है। यह सफलता किसानों की मेहनत और सहकारी भावना का परिणाम है। मिल ने अब किसानों के लिए एसएमएस सुविधा भी शुरू की है ताकि उन्हें भुगतान और काम से जुड़ी जानकारी समय पर मिल सके।
अटल किसान मजदूर कैंटीन की शुरुआत
इस अवसर पर अटल किसान मजदूर कैंटीन का भी उद्घाटन किया गया है। यहां हर किसान को मात्र 10 रुपये में भोजन की थाली उपलब्ध कराई जाएगी। यह पहल न केवल किसानों को सस्ती दर पर भोजन देगी बल्कि उनकी मेहनत का सम्मान भी बढ़ाएगी। जिला प्रशासन और मिल प्रबंधन का लक्ष्य है कि आने वाले समय में पानीपत को हरियाणा का एथेनॉल हब बनाया जाए जिससे प्रदेश की ऊर्जा आत्मनिर्भरता भी मजबूत हो।
















